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मनोविज्ञान की उत्पत्ति एवं विकास यात्रा (Origin and Development of Psychology Journey)-
* मनोविज्ञान का अर्थ एवं उत्पत्ति-
* मनोविज्ञान की उत्पत्ति दर्शन शास्त्र विषय से मानी जाती है अतः दर्शन को मनोविज्ञान का पिता कहा जाता है।
*Psychology- शब्द की उत्पत्ति ग्रीक भाषा के दो शब्द Psche + Logos से मिलकर हुई है। Psyche का अर्थ आत्मा तथा Logos का अर्थ विज्ञान/ शास्त्र/ अध्ययन।
- इस प्रकार उत्पत्ति के समय मनोविज्ञान को उसके शाब्दिक अर्थ आत्मा के विज्ञान के रूप में जाना गया है।
* मनोविज्ञान की विकास यात्रा-
| क्र.सं. | स्वरूप | अवधि | समर्थक | विरोधी |
|---|---|---|---|---|
| 1. | आत्मा का विज्ञान | 384 ई.पू. से 16वीं के अंत तक | अरस्तु, प्लेटो, सुकरात देकार्ते आदि। | जे.एस. राॅस व पम्पोनोजी (इटली) |
| 2. | मन /मस्तिष्क का विज्ञान | 17 वीं सदी के आरंभ से 18 वीं सदी के अंत तक | जे.एस. राॅस व पम्पोनोजी, पेस्टोलोजी, जाॅनलाॅक आदि। | विलियम वुण्ट व ई.बी. टिचनर (जर्मनी) |
| 3. | चेतना का विज्ञान | 18 वीं सदी के अंत से 19वीं सदी के अंत तक | विलियम वुण्ट, ई.बी. टिचनर, विलियम जेम्स, जेम्स सली, चार्ल्सवुड, विलियम वुड, वायस। | विलियम मैक्डूगल ने अपनी पुस्तक- outline of Psychology (मनोविज्ञान की धारणा) के पृष्ठ सं. 6 |
| 4. | व्यवहार का विज्ञान | बीसवीं सदी के आरंभ से (सन् 1912) | जाॅन ब्राड्स वाटसन, वुड्स, एबिंगहास, क्रो & क्रो, थार्नडाइक, स्किनर, पावलाॅव, मैक्डूगल एवं समस्त व्यवहारवादी। |
*मनोविज्ञान की परिभाषा (Definition of Psychology) -
1. वुडवर्थ: - " मनोविज्ञान ने सर्वप्रथम आत्म त्याग किया, फिर इसने मन का त्याग किया, चेतना का त्याग किया और अब यह व्यवहार की विधि को स्वीकार करता है।"
2. वुडवर्थ :- " मनोविज्ञान वातावरण से संबंधित व्यक्ति की क्रियाओं का वैज्ञानिक अध्ययन है।"
3. जे.बी. वाॅटसन: - " मनोविज्ञान व्यवहार का सकारात्मक/ शुद्ध /धनात्मक विज्ञान है।"
4. ई. वाटसन: - " मनोविज्ञान व्यवहार का निश्चित विज्ञान है।"
5. क्रो&क्रो: - " मनोविज्ञान मानव व्यवहार एवं मानव संबंधों का अध्ययन है।"
क्रो एण्ड क्रो :- "शिक्षा मनोविज्ञान, व्यक्ति के जन्म से लेकर वृद्धावस्था तक के अनुभवों का वर्णन तथा व्याख्या करता है, जिसमे मानव–व्यवहार और मानव सम्बन्धों का अध्ययन है।"
6. मैक्डूगल: - " मनोविज्ञान आचरण एवं व्यवहार का विज्ञान है।"
7. स्किनर: - " मनोविज्ञान अनुभव एवं व्यवहार का विज्ञान है।
स्किनर:- "शिक्षा मनोविज्ञान के अन्तर्गत शिक्षा से सम्बन्धित सम्पूर्ण व्यवहार और व्यक्तित्व आ जाता है।"
8. काॅलसनिक: - " मनोविज्ञान व्यवहार का विज्ञान है।"
काॅलसनिक:- "मनोविज्ञान के सिद्धान्तों व परिणामों का शिक्षा के क्षेत्र में अनुप्रयोग ही शिक्षा मनोविज्ञान कहलाता है।"
9. पेस्टोलोजी: - " मनोविज्ञान मानसिक क्रियाओं का विज्ञान है।"
पेस्टोलोजी:- "शिक्षा मनुष्य की क्षमताओं का स्वाभाविक, प्रगतिशील तथा विरोधहीन विकास है।"
10. जेम्स ड्रेवर: - " मनोविज्ञान व्यवहार का विधायक विज्ञान है।"
11. लुम्सडिन व पिल्सबरी: - " मनोविज्ञान व्यवहार का नियामक विज्ञान है।"
12. पील: - " मनोविज्ञान व्यवहार का क्रियात्मक विज्ञान है।"
13. मन :- " मनोविज्ञान अनुभव के आधार पर किए गए आंतरिक अनुभवों एवं बाह्य व्यवहार का विधायक विज्ञान है।"
14. जेम्स ड्रेवर:- " मनोविज्ञान वह शुद्ध विज्ञान है जो मानव एवं पशु के व्यवहार का अध्ययन करता है। यह व्यवहार उसके अंतर्जगत के मनोभावों और विचारों को अभिव्यक्त करता है।"
15. वाॅटसन: - " एक ऐसा मनोविज्ञान लिखना संभव है जिसकी 'व्यवहार के विज्ञान' के रूप में परिभाषा की जा सके।"
16. विलियम जेम्स: - " मनोविज्ञान की सर्वोत्तम परिभाषा चेतना की दशाओं का वर्णन और व्याख्या के रूप में दी जा सकती है।"
17. पिल्सबरी: - " सबसे अधिक संतोषजनक रूप में मनोविज्ञान की परिभाषा मानव व्यवहार के विज्ञान के रूप में की जा सकती है।"
18. मैक्डूगल: - " मनोविज्ञान जीवित वस्तुओं के व्यवहार के विधायक विज्ञान है।"
19. विलियम वुण्ट: - " प्राकृतिक विज्ञानों की विषय वस्तु बाह्य अनुभव के विषय के विरुद्ध मनोविज्ञान को उसकी जांच करनी है जिसको हम आंतरिक अनुभव कहते हैं अर्थात हमारी अपनी संवेदना और अनुभूति हमारे विचार और संकल्प है।"
20. विलियम वुण्ट: - " मनोविज्ञान प्राणी के वातावरण से संबंद्ध अनुभव एवं व्यवहार का अध्ययन करने वाला वस्तुपरक विज्ञान है।"
21. विलियम जेम्स व विलियम वुण्ट: - " मनोविज्ञान चेतना, व्यवहार एवं अनुभव का विज्ञान है।"
22. विलियम जेम्स: - " मनोविज्ञान की सर्वोत्तम परिभाषा चेतना की दशाओं का वर्णन और व्याख्या के रूप में दी जा सकती है।"
23. बोरिंग: - " मनोविज्ञान व्यक्ति के प्रत्युत्तरों के फलस्वरुप उत्पन्न व्यवहार का अध्ययन करता है और इस अवस्था में उत्पन्न अनुभवों की चेतना का अध्ययन करता है।"
बोरिंग :- "मनोविज्ञान मानव प्रकृति का अध्ययन है।"
24. एन.एल. मन:- " मनोविज्ञान व्यवहार की वैज्ञानिक जांच-पड़ताल से संबंधित है जिसमें व्यवहार के दृष्टिकोण से वह सब सम्मिलित है जिसे पहले के मनोवैज्ञानिक अनुभव के रूप में लेते थे।"
25. स्किनर: - " मनोविज्ञान जीवन द्वारा प्रस्तुत विभिन्न परिस्थितियों में व्यवहार का अध्ययन है। अनुक्रियाओं अथवा व्यवहार से अर्थ-प्राणी की सभी प्रकार की क्रियाएं समायोजन द्वारा अभिव्यक्ति है।"
26. कार्ल पियर्सन: - " तथ्यों का वर्गीकरण के क्रम का ज्ञान एवं उनके सापेक्षिक महत्व का परिचय प्राप्त करना विज्ञान का कार्य है।"
27. इप्सटीन एवं सोन्ज: - " वर्तमान में मनोविज्ञान की ऐसी कोई परिभाषा नहीं है जो मनोविज्ञान की विषय वस्तु का स्पष्ट रूप से वर्णन कर सके। सर्वोत्तम परिभाषा के रूप में मनोविज्ञान को परिभाषित करते हुए यह कहा जा सकता है कि 'मनोविज्ञान में प्राणी के व्यवहार की परीक्षा ली जाती है।' यहां व्यवहार से तात्पर्य प्राणी के सभी प्रकार की संभव अनुक्रियाओं से तथा जीव से तात्पर्य सभी जीवित प्राणियों से हैं।"
28. गैरिसन व अन्य के अनुसार:- "मनोविज्ञान का सम्बन्ध प्रत्यक्ष मानव – व्यवहार से है।"
29.किल्फोर्ड:- "बालक के विकास का अध्ययन हमें यह जानने योग्य बनाता है कि क्या पढ़ायें और कैसे पढाये।"
30. गार्डनर मर्फी :- "मनोविज्ञान वह विज्ञान है, जो जीवित व्यक्तियों का उनके वातावरण के प्रति अनुक्रियाओं का अध्ययन करता है।"
32. स्टीफन :- "शिक्षा मनोविज्ञान शैक्षणिक विकास का क्रमिक अध्ययन है।"
33. ब्राउन :- "शिक्षा के द्वारा मानव व्यवहार में परिवर्तन किया जाता है तथा मानव व्यवहार का अध्ययन ही मनोविज्ञान कहलाता है।"
34.सारे व टेलफोर्ड :- "शिक्षा मनोविज्ञान का मुख्य सम्बन्ध सीखने से है। यह मनोविज्ञान का वह अंग है जो शिक्षा के मनोवैज्ञानिक पहलुओं की वैज्ञानिक खोज से विशेष रूप से सम्बन्धित है।"
35. ट्रो:- "शिक्षा मनोविज्ञान शैक्षिक परिस्थितियों के मनोविज्ञान पक्षों का अध्ययन है।"
36. बी एन झा:- "शिक्षा की प्रकिया पूर्णतया मनोविज्ञान की कृपा पर निर्भर है।"
37. एस एस चौहान:- "शिक्षा मनोविज्ञान शैक्षिक परिवेश में व्यक्ति के विकास का व्यवस्थित अध्ययन है।"
38. जॉन डीवी :- "शिक्षा मनुष्य की क्षमताओं का विकास है , जिनकी सहायता से वह अपने वातावरण पर नियंत्रण करता हुआ अपनी संभावित उन्नति को प्राप्त करता है।"
39. जॉन एफ.ट्रेवर्स :- "शिक्षा मनोविज्ञान वह विज्ञान है ,जिसमे छात्र , शिक्षण तथा अध्यापन का क्रमबद्ध अध्ययन किया जाता है।"
40. स्किनर:- "शिक्षा मनोविज्ञान का उद्देश्य शैक्षिक परिस्थति के मूल्य एवं कुशलता में योगदान देना है।"
*संप्रदाय प्रवर्तक एवं विशेष विवरण(Sect Promoter and Specification)
1. व्यवहारवादी संप्रदाय(1912) : जॉन ब्राड्स वाटसन (अमेरिका)
विशेष :- इस संप्रदाय की विचारधारा रूसी शरीरशास्त्री आईपी पावलव द्वारा किए गए परीक्षणों के परिणामों पर आधारित है। यह संप्रदाय कहता है कि मनोविज्ञान का उद्देश्य मानव व्यवहार की व्याख्या करना, नियंत्रण और उसके संबंध में भविष्यवाणी करना है।
2. प्रेरकीय या प्रयोजनवादी/हार्मिक संप्रदाय(1903):- विलियम मैग्डूगल (अमेरीका)
विशेष:- यह संप्रदाय कहता है कि प्रत्येेक कार्य के पीछे कोई न कोई प्रयोजन अवश्य होता है। साथ ही यह संप्रदाय आत्मसम्मान को महत्व देता है।
3. साहचर्यवादी संप्रदाय(सबसे प्राचीन) :- जॉनलॉक (इंग्लैंड)
विशेष: - इस संप्रदाय ने स्पंदन और स्मृतिज्ञात साहचर्य को महत्व दिया है।
4. मनोविश्लेषणवादी संप्रदाय (190) :- सिग्मंड फ्रायड (वियाना-आस्ट्रिया)
विशेष :- इस संप्रदाय ने अचेतन और पूर्ण चेतन व्यवहार को व्यवहार की संकल्पना में शामिल किया है। इसके अलावा इस संप्रदाय ने व्यवहार निर्धारण में यौनकारकों को भी महत्वपूर्ण माना है तथा बाल केन्द्रित शिक्षा पद्धति पर जोर दिया है।
5. गेस्टाल्टवादी संप्रदाय/समग्राकृति/अव्यववाद(1912):- मैक्स वर्दिमिर, कुर्त कोफ्का, वुल्फ गैंग कोहलर (जर्मनी)
विशेष:- कोई भी व्यक्ति जब किसी वस्तु को देखता है वह उसे समग्र रूप में ही देखता है। या समग्र रूप में ही ग्रहण करता है। इसी संप्रदाय ने हमें पूर्ण से अंश की ओर शिक्षण पद्धति दी है।
7. क्षेत्रवादी संप्रदाय (1917): - कर्ट लेविन (जर्मनी)
8. कार्यात्मवादी/कृत्यवादी/प्रकार्यवादी/कार्यात्मक संप्रदाय:- जान डीवी, विलियम जेम्स और एंजिल (अमरीका)
विशेष :- यह संप्रदाय कहता है कि पाठ्यक्रम की विषय वस्तु महत्वपूर्ण है। बाल मनोविज्ञान, व्यक्तिक विभिन्नता, बुद्धि परीक्षण आदि उपागमों को सर्वप्रथम इसी संप्रदाय ने प्रस्तुत किया।
9. संरचनावादी संप्रदाय(1879) :- विलियम वुंट और ईबी टिचनर (जर्मनी)
विशेष :- मनुष्य की चेतना में मानसिक तत्वों का महत्वपूर्ण स्थान है। यह संप्रदाय वैज्ञानिक पद्धति के उपयोग पर बलदेता है
10. संज्ञानवादी संप्रदाय(1923): - जीन पियाजे (स्विट्जरलैंड)
11. कोलम्बिया/ संयोजनवादी /संबंधवादी विचारधारा (1878): - थार्नडाइक (अमेरिका)
12. उपयोगितावादी विचारधारा (1913) :- थार्नडाइक (अमेरिका)
12. मनोभौतिकी विचारधारा(1904) :- पावलाॅव (रूस)

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