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Scount and Guide Instructions and Process

Learning By Mj

विषय सूची
  1. सिटी के संकेत
  2. आंदोलन व इतिहास, आदर्श-वाक्य, स्काउट गाइड चिन्ह
  3. आंदोलन व इतिहास झंडा गीत प्रतिज्ञा नियम
  4. स्काउटिंग गाइडिंग का प्रगतिशील प्रशिक्षण 
  5. ध्वज शिष्टाचार, प्राथमिक उपचार 
  6. कंपास 
  7. द्वितीय सोपान की गांठे -
  8. अनुमान लगाना 
  9. खोज के चिन्ह
  10. यूनिफॉर्म 
  11. ग्रुप प्रणाली
  12. ट्रूप कंपनी मीटिंग 
  13. स्काउट ग्रुप के प्रकार 
  14.  स्काउटर व गाइड
  15. स्काउट का विचार 
  16. यूनिट लीडर के कर्तव्य योग्यता उसके दायित्व 
  17.  मैपिंग 
  18. स्काउटिंग और धर्म
  19. ईश्वर के प्रति कर्तव्य 
  20. तृतीय सोपान की गांठे 
  21. पी.टी. व्यायाम 
S.T.A (Student Time Activity)
क्र.संविषयतिथिहस्ताक्षर
1प्रार्थनाDaily
2झण्डा गीत04/09/2015
3नियम05/09/2015✓ 
4प्रतिज्ञा06/09/2015✓ 
5साज सज्जा06/09/2015
6अपना पहचान बताने के लिए चिह्न बनाएAadhar

क्रियाकलाप विषय सूची 
  1. S.T.A. Activity-
  2. चित्र
  3. नाम धुन
  4. राम धुन 
  5. गीत व निनाद
 टोली के सदस्यों का परिचय
      टोली के सदस्य              कोड
  1. राजेंद्र मेघवाल            २१     
  2. सुरेंद्र मेघवाल              २२
  3. मनोज साहू                 २३
  4. हेमराज बेरवा              २४        ‌ 
  5. रविकांत                     २५
  6. नवीन मेहता                २६
  7. गिरिराज प्रजापति        २७
  8. विमल यादव               २८
  9. सुरेंद्र सुमन।                २९ 
  10. पवन मेहता                 ३०
संचालक दल परिचय 
      दिनांक -   03.09.2015 से  09.09.2015
  1. श्री इंद्राज सुधार          सी.ओ. स्काउंटर बारां 
  2. श्रीमती प्रीति कुमारी     सी.ओ.गाइड बारां 
  3. श्री कन्हैया झा             शिविर  संचालक
  4. श्रीहरदयाल गुर्जर         सहा. शिविर संचालक
  5. श्री शकील खान          सहा.शिविर संचालक
  6. श्री विवेक शर्मा           सहा.शिविर संचालक
  7. श्री मोनू पंकज            क्वार्टर मास्टर

संचालक दल का परिचय -टाइम टेबल

क्रमांक नाम Date Time 
1कन्हैया जी, मोनू सर ,विवेक सर04.09.20155:45a.m.
2शकील खान04.09.20159:45a.m.
3विवेक सर04.09.201510:45a.m.
4I.S.राठौर05.09.201511:15a.m.
5K.L.Jha05.09.201510:00a.m.
6विवेक सर05.09.201510:30a.m.
7 इन्द्राज सुधार06.09.201511:15a.m.
8कन्हैया झा सर06.09.2015
9:30a.m.
9शकील खान06.09.201511:10a.m.
10कन्हैया झा सर07.09.20154:30a.m.
11 विवेक सर07.09.20159:30a.m.
12कन्हैया झा सर07.09.2015
10:00a.m.
bahar


शिविर के नियम -
① प्रत्येक टोली अपने टेन्ट की साफ-सफाई स्वयं समूह में कार्य बांटकर करेगा।

② सुबह ले आउट कार्य में फर्श व टेन्ट के अन्दर की  सफाई करना। व फर्श धुप में निकालना

③ भोजन व्यवस्था  छात्र अपने-अपने समूह से दो के द्वारा की जावेगी।

(4) रात्री के समय प्रत्येक टोली का प्रतिदिन एक बार नम्बर आयेगा।

(5) स्काउट टोली अपनी तरफ सुरक्षा व्यवस्था करेगा तथा गाइड टोली अपनी ड्यूटी स्वयं करेंगे।

(6) रात्री ज्वाल व्यवस्था में प्रत्येक टोली भाग लेगी।

सेवा टोली के कार्य - टोली नं-3
04/09/2015:- मैदान के दरवाजे के किनारे की सफाई - 
स्काउट के सामने के उद्यान के पौधों में पानी डालना 

04/09/2015 :- प्रात: 9:45 पर स्काउट व गाइड टोली को एकत्रीकरण तथा ग्राउण्ड स्थल की सफाई स्वास्थ्य जांच रिपोर्ट।

05/09/20215:- नाइट ड्यूटी 2AM-4AM

06/09/2015 :- शिविर ज्वाल की तैयारी एवं एकत्रीकरण करना
07/09/2015:- पानी की व्यवस्था करना ।

08/09/2015:- ध्वज लगाना व उतारना।


सेवा टोली के कार्य का बंटवारा -

1. 03/09/2015 - मेन रोड की दीवार के पास के ग्राउण्ड की साफ-सफाई। इस कार्य को दो समूह में विभाजित किया

2. 04 109/2015 -मेन रोड के पास की दीवार के पास के गेट की सफाइ तथा स्काउट संस्थान के उद्यान के पौधों में पानी देना और सफाई

3. 05/09/15- कार्य -प्राप्त 5:45 पर सभी टोलियां को एकत्रीकरण - मनोज-हेमराज ग्राउण्ड स्थल व टेन्ट की सफाई- नवीन, सुरेन्द्र सुमन, सजावट -सुरेन्द्र मेघवाल, मनोज, हेमराज, राजेन्द्र, भोजन - गिरिराज -

4. 06/09/315 - कार्य - रात्री ज्वाला की पूर्व व्यवस्था तथा एकत्रीकरण इनमें दो दल बनाऐ एक दल मे ज्वाला व्यवस्था तथा एकदल ने नाटक की तैयारी की।

07/09/05- पेयजल व्यवस्था।

08/09/2015- ध्वज को लगाने व उतारने में सहयोग किया 
गया।
                            
                            -नियम-


1. स्काउट विश्वसीय होता है।

2. स्काउट वफादार होता है।

3.  स्काउट सबका मित्र, व प्रत्येक दुसरे  स्काउट का भाई होता है।

4. स्काउट विनम्र होता है।

5. स्काउट पशु-पक्षियों का मित्र व प्रक्रति प्रेमी होता है।

6. स्काउट अनुशासनशील होता और सार्वजनिक सम्पति की रक्षा करने में सहायता करता है ।

7. स्काउट साहसी होता है।

8. स्काउट मित्ययी होता है।

9. स्काउट मन, कर्म, वचन में शुद्ध होताहै।


-कब के नियम-

1. कब बड़ो की आज्ञा मानता है।

2. कब स्वच्छ और विनम्र होता है । 

दैनिक कार्यक्रम
प्रातः 5.00 से 6.00 तक = जागरण, दैनिक कृत्यो से निवृत्ती

प्रातः 6.00 से 7.30 तक =     प्रार्थना, तीन मिनट दोड़, बी. पी. सिक्स व्यायाम, खेल सेवा कार्य

प्रातः 7.30 से 8.00 तक =     चाय नाश्ता

प्रात: 8.00 से 8.30 तक=     निरीक्षण तैयारी

प्रात: 8:30 से 8:45 तक=       शिविर निरीक्षण


झण्डा गीत - रचियता - दयाशंकर भट्ट 45 मिनट

भारत स्काउट गाइड, झण्डा ऊंचा रहेगा।

ऊंचा सदा रहेगा, झण्डा ऊंचा सदा रहेगा।

नीला रंग गगन सा विस्तृत भ्रातृभाव फैलता।

त्रिदल कमल नित तीन प्रतिज्ञाओं की याद दिलाता 

और यह कहता है प्रतिपल आगे कदम बढ़ेगा। 
ऊंचा सदा रहेगा झण्डा, भारत स्काउट गाइड 
इण्डा ऊंचा सदा रहेगा।

प्रतिज्ञा 
मैं मर्यादा पूर्वक प्रतिज्ञा करता हूं। कि मैं यथाशक्ति ईश्वर और अपने देश के प्रति अपने कर्तव्यों का पालन करूंगा। दूसरों की सहायता करूंगा और स्काउट नियम का पालन करूंगा।


कब प्रतिज्ञा 

मैं प्रतिज्ञा करता है। कि मैं यथाशक्ति, और ईश्वर और अपने देश के प्रति अपने कर्तव्यों का पालन करूंगा, कब नियम को मानुंगा तथा प्रतिदिन एक भलाई का कार्य करूंगा ।

प्रार्थना

हम होगें कामयाब

हम होगे कामयाब, हम होंगे कामयाब, 
हम होंगे कामयाब एक दिन।

ओ मन में है पुरा विश्वास, पूरा विश्वास, पूरा है विश्वास 
हम होगें कामयाब एक दिन । 

हम चलेंगे साथ-साथ, डाले हाथों में हाथ,
हम चलेंगे साथ-साथ एक दिन ।। ओ मन में -..…...,।

होगी शान्ति चारों ओर, होगी शान्ति चारो ओर,
होगी शान्ति चारो ओर एक दिन ।। ओ मन में-.........।

 नहीं डर किसी का आज, नहीं डर किसी का आज, नहीं डर किसी का आज के दिन ।। ओ मन में......।





-प्रार्थना-

रचियता - वीर देव
 समय -90 सेकंड 

-प्रार्थना-

दया कर दान भक्ति का, हमें परमात्मा  देना ।
दया करना हमारी 'आत्मा, मैं शुद्धता देना।।

हमारे ध्यान में ''आओ प्रभु आंखो में बस जाओ। 
अंधेरे दिल में आकर के प्ररम ज्योति जगा देना ।।

बहा दो प्रेम की गंगा दिलों में प्रेम का सागर । 
हमें आपस में मिल जुलकर प्रभु रहना सीखा देना ।।  

हमारा कर्म हो सेवा,  हमारा धर्म हो सेवा ।
सदा ही मान हो सेवा व सेवक चर बना देना।।

वतन के वास्ते जिना,  वतम के वास्ते मरना ।
वतन पर जा फिदा करना दया कर दान भक्ति का, 
दया कर दान भक्ति का।। 

कब- बुलबुल प्रार्थना-

हम है छोटे-छोटे बाल, -
हमारी लेना तू संभाल
कदम कदम पर करें गलतियां 
सद्‌बुद्धि देना भूला गलतियां ।
तुम बिन कौन लेगा संभाल 
हम है छोटे-छोटे बाल
हमारी लेना तू संभाल 
(प्रत्येक पंक्ति को दो बार दोहराना है)।


संकेत- सीटी के ,       वार्ताकार - कन्हैया झा सर 

-----लम्बी सीटी।                               

 0 छोटी सीटी
--------------फैल जाऊ

00000 एकत्रित होना

1.    >---   एक लम्बी सीटी का तात्पर्य है शांत हो जाओ, सावधान, 'अगले आदेश की प्रतीक्षा करो।

2.    -----   लगातर लम्बी सीटी), का तात्पर्य फैल जाओ, आगे बढ़ो

3. ०-०-०-०- लगातर छोटी सीटी का तात्पर्य नजदीक आाओं एकत्रित हो जाओ

4. 0-0-0-0- लगातार एक छोटी एक बड़ी क्रमश: बजाना, तैयार रहो खतरा है आदि का संकेत है।

5. 000 ---⇒ तीन छोटी व एक लम्बी सीटी का तात्पर्य टोली नायक / लीटर यहां आओ

6. 000--  तीन छोटी व दो लम्बी सीटी का तात्पर्य स्काउटर यहां आओ।


वार्ताकार- कन्हैया झा सर

आन्दोलन व इतिहास -



1. स्काउटींग. गाइडिंग के जन्मदाता रॉबर्ट स्टीफेन्सन स्मिथ         बेडेयन पावेल थे।

२. इनको बी.पी. के नाम से भी सम्बोधित किया जाता है इनके     पिता का नाम रेवरेन्ट हरबर्ट जार्ज बेडेयन पावेट था।

3. इनका जन्म 12 फरवरी 1857 में स्टेन पोल, स्ट्रीटलेन           कास्टर गेट लन्दन में हुआ इनकी माता का नाम हेनरीटा           ग्रेस  स्मिथ था।

4.1860 में उनके पिता की मृत्यु हो गई इनके पिता                    आक्सफोर युनिवर्सिटी में रेखागणित के प्रोफेसर थे

5.जब इनके पिता की मृत्यु हुई तब बी.पी. मात्र 3 वषे के थे।       बी.वी. की शिक्षा चार्आटर आउस स्कूल में हुई।

6.चार्टर आउस स्कूल में इन्हें' बेटिंग टावल' के नाम से पुकार       जाता था

7.1876 ई. में 19 वर्ष की आयु में ग्रेजुएशन कम्प्लिट कर            13वी दुसार्स रेजीमेन्ट के पद सबलेप्टिमेन्ट पद पर भारत        के  लखनऊ में भेजा गया।

8.1883 ई. में 26 वर्ष की आयु में आप केप्टन बन गये।

9.घुसवारी करना, जंगली सुअर का सीकार करना, नाटक             जंगलों में भ्रमण करना आदि इनके प्रमुख शोक थे।

10.बी.पी. को स्काउटींग की प्रेरणा 1899 - 1900 में दक्षिण       अफ्रीका की एक घटना से प्राप्त हुई

11. दक्षिण अफ्रीका में मेफकींग सामरिक महत्व का एक              महत्वपूर्ण कस्बा था जहां 1500 गोरे और 8000 स्थानीय        लोग रहते थे। पॉलैण्ड निवासी ड्च लोग जिन्हें पोअर कहा        जाता था।

12. इस महत्वपूर्ण कस्बे को अपने अधिन लेना चाहते थे।

13. बोअर की १००० सेना ने मेफकिंग को घेर लिया।

14. बी.पी. के पास अंग्रेजी सेना में कुल मिलाकर 1000              सैनिक थे। जिनके पास कुछ  बन्दूकें, व डायनामाइट थे।

15. इन्होंने बी.पो. अपनी युक्ति से 217 दिन तक गौरो को              कस्बे में घुसने नहीं दिया।

16. 17 मई 1900 को इंग्लैण्ड से सैनिक सहायता प्राप्त होने        के बाद बी.पी.ने इन पर  विजय प्राप्त की।

17.  बी.पी. के स्टॉफ ऑफीसर लार्ड एडवड सिसिल ने                   मेफकिंग के १ वर्ष से अधिक उम्र के बच्चों को इकट्ठा कर         के डट क्रोप्स या बाल सेना तैयार की।

18.  इस घटना से प्रेरित होकर बी.पी. ने Aids to                       Scouting. नामक पुस्तक लिखी जो शीघ्र ही इंग्लैण्ड           के विद्यालयों में पढ़ाई जाने लगी।

19.  परिणाम स्वरूप 1967 में इंग्लिश चैनल पूल हार्बर के।           निकट ब्राउन सी द्वीप में 29 जुलाई से १ अगस्त तक               के विभिन्न वर्गों से, विद्यालयों से 20 लड़‌कों का प्रथम             स्काउट शिविर, स्वयं बी.पी. ने आयोजित किया।

20.  इस  शिविर के अनुभवों को बी.पी. ने 'स्काउटींग फोर            बॉयज नामक अपनी प्रसिद्ध पुस्तक में लिपिबद्ध कर              दिया  यह पुस्तक ६: पाक्षिकों में जनवरी 1908 से                  अप्रैल 1908  प्राकाशित किया।

21. 1909 पिस्टल पेलेस लन्दन में स्काउट रेली में 11000            स्काउट में भाग लिया। स्काउट की यूनिफार्म पहनकर रेली        में सम्मिलित हुई और अपने आप को बुल्फ स्काउट बताया

22. बी पी की बहन एग्नेस की सहायता से गर्ल गाइडींग शुरू         की। 1912 में बी.पी. ने मिस ओलेव सेन्ट केलेवर सोम्स से       शादी की।

23. बी.पो. और इनके बीच में 32 साल का अन्तर था।

24. 1920 में 6 अगस्त को बी.पी.को विश्व स्काउट चीफ              घोषित किया गया। 1921 में बी.पी.का भारत आगमन            हुआ।   1930 में लेडी बीपी विश्व गाइड चीफ बनी 
25.  8जून 1941 को केनिया में लम्बी । बीमारी के बाद                 83माह  10 माह 17 दिन का शानदार जीवन जीकर               बी.पी.   स्वर्गवासी हुऐ।

26. माउन्ट केनिया (अफ्रीका) में इनको दफनाया गया 1950        में भारत स्काउट गाइड्स संस्था बनी।

प्रथम सोपान की गांठे -

 1  रीफ नॉट
 2  शीड बैंड 
 3  क्लीहीज
 4  बोलाइन
 5  शीप सैंक
 6  फिशर मैन नॉट
 7  राउण्ड टर्न एक टू हाफ हिषेज


वर्ताकार - शकील खान सर

विषय:- स्काउट/गाइड चिहून सैल्यूट, आदर्शवाक्य -

*  सैल्यूट - किसी के प्रति आहर व सम्मान प्रकट करने के लिए सैल्यूट किया जाता है। 'सैल्यूट सम्मान विनम्रता का प्रतीक है। सेल्युट दायें हाथ से स्काउट चिहन बनाते हुए कोहनी को कंधे की सीध से मोडकर तर्जनी  अगुली को दायें भौंह पर छुते हुए किया जाता है। ऐसा करते समय हथेली सामाने की ओर हो हाथ कुर्ती से अपने बराबर की ओर ऊपर करेंगे तया अभिवादन के तुरन्त बाद उसी फुर्ती के साथ हाथ को अपने सामने की ओर सेनीचे ले जाएंगे।

*  सैल्यूट कब करना - दिन में पहली बार मिलने पर, पहली बार मिलले समय, मार्चपास्ट के समय, लीडर से मिलते समय, झंडा रोहण के समय ।

*  आदर्श वाक्य के --स्काउट गाइड का आदर्श वाक्य " तैयार रहो " जिसका तात्पर्य स्काउट किसी भी कर्तव्य को पूरा करने के लिए शारीरिक व मानसिक रूप से तैयार है। शारीरिक रूप से तैयार रखने के लिए स्वयं को सदा चुस्त व सबल बनाना चाहिए। मानसिक तैयारी के लिए उस कार्य में आने वाली बांधाओ व संकटों की पूर्व जानकारी समय से पहले कर लेनी चाहिए ताकि मार्ग में आने वाली बांधाए विचलित न कर सके



*  कब / बुलबुल ="भरसक प्रयत्न करो"

*  रोवर / रेंजर ="सेवा ''


3. स्काउटिंग व गाइडींग का  प्रगतिशील प्रशिक्षण

स्काउटींग / गाइडिंग

क्रमांक नाम नाम Time 
स्तरप्रा०/उ.प्रा। कब-बुलबुल   उच्च प्रा./मा./उच्च मा.- स्काउट/गाइडउच्च मा./कॉलेज - रोवर / रेंजर 
आयु5 से 10 वर्ष11 से 17 वर्ष15 से 25 वर्ष 
प्रवेश प्रथम चरणप्रथम चरण 5 वर्ष+3 वर्षप्रथम चरण
 10 वर्ष+3 माह
प्रथम चरण 15 + 3 वर्ष
द्वितीय चरण 3 माह 6 माहनिपूर्ण 1 वर्ष 
तृतीय चरण6 माह 9 माह -
चतुर्थ चरण/हिरख पंख9 माह9 माह बाद - राज्य पुरस्कारराज्य पुरस्कार- 1 वर्ष 
- इन्द्राज सुधार1 वर्ष बाद - राष्ट्रीय पुरस्कार1 वर्ष बाद - राष्ट्रीय पुरस्कार



5 सितंबर - गोल्डन ऐरो


प्राथमिक उपचार. 
                      
वार्ताकार - विवेक जी 

किसी प्रशिक्षित या कुशल व्यक्ति द्वारा चिकित्सक के पास ले जाने से पूर्व जो सहायता की जाती है। ताकि उसकी दशा और ना बिगडने पास जीवन बचा सके अथवा दशा में सुधार आने को प्राथमिक उपचार कहते है।

प्राथमिक चिकित्सा के लिए स्विस नियम -

1.अति आवश्यक कार्य पहले करे ।..

2 यदि जरूरत हो तो कृत्रिम खास दे।

3.रक्त बह रहा हो तो उसे रोकने का प्रयास करे।

4.रोगी को सदमें से बचाये ।

5.एक कार्य में अधिक समय ना ले।

6.रोग व रोगी के परिजनों को सान्त्वना दे।

7.रोगी के पास से अनावश्यक भीड़ हटाएं ताकि रोसी को स्वच्छ हवा प्राप्त हो।

8.अनावश्यक वस्त्र ही हटाये ।

9.चिकित्सक को बुलाए या उसे चिकित्सालय ले जाए।

10.रोगी के साथ परिजन नहीं हो तो सूचना है।

* प्राथमिक चिकित्सा बॉक्स की जानकारी है *

1. लम्बी पट्टी (१ इंच चौड़ी 2 मी. लम्बी ).

2. तिकोनी पट्टी 

3. गॉज 1/2 इंच चौड़ी

4. चिकनी पट्टी 3 इंच चौडी 12 पट्टिया ।

5. गर्म पट्टी 

6. कैची सीजर -1

7. चिमटी-2 

8. डिटोल

9. सोफामाइसीन ट्यूब

10. पॅलीथिन में लिपटी हुई मोटी गाँज की पट्टियां

11. टिंचर / आयोडेक्स

13. सेफ्टी पिन पैकेट

12. रूई का पैकेट

15. थर्मामीटर

14. खपच्ची

17.ऑइवास कप

16. ड्रोफर

18. नपना गिलास

19. खाने को सोडा (सोडियम बाइकार्बोनेट) टूर्निकर

20.आवश्यक दवाइयां ।

- पैट्रोल प्रणाली /षष्ठ पृणाली -

कब / बुलबुल (षष्ठ प्रणाली)

पैक -   पैक में कम से कम 12 अधिकतम 24 कब बालक                         होंगे जिन्हें षष्ठो में विभक्त किया जाता है।

           प्रत्येक षष्ठ में षष्ठर  व सहायक षष्ठर सहित 4-6 कब             होंगे।

           प्रत्येक षष्ठो का रंगों पर नाम होगा।

- सीनियर षष्ठर -

→ कब यूनिट लीडर षष्ठरस मे से एक को सीनियर रस सिम्सर       नियुक्त करेगा।

→ सीनियर सिम्सर अपनी पोशाक पर अन्य कबों के अतिरिक्त       अपनी बायीं बाजु पर नीले रंग के कपड़े की 1 सेंटीमीटर           चौड़ी तीन फिटी (स्टार) लगायेंगे।

→प्रत्येक स्टार के भीतर 2 सेंटीमीटर की दूरी होगी।

→पष्ठर की नियुक्ति लीडर द्वारा कि जाती है।

→ षष्ठर अपनी यूनिफार्म पर सीनियर षष्ठर के समान ही १           स्टार (फिटी )लगायेंगे।


                     - षष्ठर के उत्तरदायित्व -

① षष्ठ की यूनिफार्म की संभाल ।

② खेल प्रतियोगिता में षष्ठ का नेतृत्व

⑤अभ्यास कार्य में सहयोग ।

④ पैक मिटींग के समय विशाल गर्जना।

⑤ षष्ठर कौशल में सहभागिता ।

* षष्ठर के गुण *

① नियम प्रतिज्ञा का पालन

② मिलजुल कर कार्य करने की भावना ।

③व्यवहार कुशल।

(4) उत्तरदायित्व निभाने की क्षमता

(5) दक्षता

* सहायक षष्ठर *

→द्वितीय सष्ठर की नियुक्ति संबंधित षष्ठर की सलाह से कब यूनिट लीडर द्वारा की जाती है।

-  षष्ठर की अनुपस्थिति में वे पूरा कार्यभार सम्भालता है। और वे अपनी यूनिफार्म पर बांयी बाजू पर एक फीता लगाऐगा

महत्व-

(1) पैक के सुचारू रूप से संचालन में सहयोग ।

(2) पैक की नब्ज षष्ठर

(3) षष्ठरों के माध्यम से प्रेरणा

(4) योग्यता स्तर में वृद्धि।

विभिन्न प्रकार की पट्टियां

1. आर्म सिलिंग
2. नेरो बेन्डेज                      
3. काक एण्ड कोलर होन्डेज         ]रिफ नोट
4. मोच की पट्टी 
5. ट्राइयंगल बेन्डेज
6. सिर पर पट्टी

-पट्‌टीयां दो प्रकार की होती है-

1.तिकोनी पट्टी.

2.लम्बी चट्टी

1. तिकोनी पट्टी यह पट्टी इसलिए बांधी जाती है। ताकि मक्खी, धूल, रोगानु से घाव की सुरक्षा हो सके। कम से कम 38 मेमी. का वृगाकार सस्ता सफेद कपड़ा लेकर इसे कर्णवत्त काटकर 'दो तिकोनी पट्टी बनाई जा सकती है।

-तिकोनी पट्टी के प्रकार-

1. पूर्ण तिकोनी-

2. ब्राड बेन्डेज (चोड़ी पट्टी)।

3.सकरी पट्टी (नेरो बेन्डेज)



-पट्टीयों का प्रयोग-

1. सिने की पट्टी

2. हाथ की पट्टी

3. असली की पट्टी

4. भुजा भी पट्टी

5. घुटने की पट्टी

6. पैर की पट्टी

क झोली या (Silling)

हाथ, हथेली, या भुजा को  सहारा देने उसे हिलने डुलने से रोकने के लिए झोली का प्रयोग किया जाता है।

झोली का प्रयोग मुख्यतः तीन प्रकार से किया जाता है।

①आर्म सीलिंग --*बाजु के अग्र भाग और को सहारा देने
    के लिए इसका प्रयोग किया जाता है

कफ एक कॉलर सिलिंग--*कलाई को सहारा देने के लिए इस         झोली का प्रयोग किया जाता है।

ट्रांयगुलर और सेन्ट जॉन सिंलिंग -इस झोली का प्रयोग हाथ          को ऊपर उठाये रखने तथा असली की हड्डी टूटने पर इस           झोली का प्रयोग किया जाता है।

06/09/2015

* कम्पास -वार्ताकार - इंद्राज सुधार जी- 
कम्पास एक डीबी नुमा छोटा सा यंत्र होता है। इसमें घड़ी की एक सुई लगी होती है। और उनकी नोब पर चुम्बक लगी होती है।

विशेषता

सूई हमेशा उत्तर दिशा में ही रहती है।

दिशाएं- 16 होती है।

1. उतर.- 0°
2. उतर, उतर पुर्व -22
1/2
3. उतर,उत्तर-पूर्व 45
4. पूर्व, उत्तर-पूर्व - 67 1/2°
5- पूर्व-90°
6. पूर्व, दक्षिण पूर्व - 112 1/2°
7. दक्षिण-पूर्व -135°
8. दक्षिण, दक्षिण-पूर्व- 157 1/2°
9. दक्षिण →180°
10.दक्षिण, दक्षिण-पश्चिम - २०२ 1/2°



11.दक्षिण पश्चिम -225°

12.पश्चिम, दक्षिण-पश्चिम - 247 1/2°

13. पश्चिम -270°

14.पश्चिम, उत्तर-पश्चिम . 297 1/2°

157उत्तर-पश्चिम -315°

16.उत्तर, उत्तर-पश्चिम 337 1/2°
Time:11.10.a.m.

द्वितीय सोपान की गांठे । वार्ताकार - कन्हैया झा

1. टीम्बर हिच
2. फीगर ऑफ ऐट लेसिंग
3. रोलिंग हिच 
4. शेयर लेंसिंग न
5. लीवर हिच ,(फासी फंदा)
(•) शेयर लेग
(•) शेयर एक्सटेंशन 
4. स्क्वायर लेसींग -पेडा बांधना
5. डायगनोल लेसींग -
•.  टिम्बर हिच- फलेपिंग
•.  शेयर लेग
•.  शेयर एक्सटेंशन -दो लाठी लोड़ने के लिए
•.  फिगर ओफ ऐट-रस्सी-तीन लाठी

पूर्व ,उतर -पूर्व

1. टीम्बर हिच -लकड़ी के भारी लठो को एक स्थान से दूसरे          स्थान तक ले जाने के लिए इसका  प्रयोग किया जाता है।

पूर्व, दक्षिण -पूर्व 

3. लीवर - सीढ़ी बनाने के लिए लीवर हिच का प्रयोग किया          जाता है।

4 स्क्वायर लेसिंग -जहां पर पीसलने की प्रवृति हो या स्लिपिंग      टेंडेंसी हो वहां पर स्क्वायर लेंसिंग का प्रयोग किया जाता है।

    विधि - यह बंधन दो बल्लियों को समकोण पर बांधने के          लिए प्रयुक्त होता है। इसे लगाते समय यह ध्यान रखे की          जिस लाठी पर बल पड़ रहा हो उसके विपरीत लाठी-पर          क्लोहिच गांठ लगाएंगे। अब तीन-चार बार लाठियो को            समान्तर लेपेट लगा देंगे तथा 3-4 बार रस्सी मध्य में लेकर        कसाव (फलेपिंग) करेंगे। प्रारम्भ में जिस लाठी पर स्लोहिच      लगाया है उसके विपरीत लाठी पर क्लोहिच लगाकर बंधन        समाप्त करेंगे।

5.डायग्नोल लेंसिंग -इस बंधन का प्रयोग किन्ही दो बल्लियो         या लाठियों को कर्णवृत एकसाथ बांधने में होता है। जिनके       तनाव विपरीत दिशाओं की और हो ।

   विधि - दो लाठियों पर टीम्बर हिच लगाकर । तीन बार किसी     एक दिशा में लपेट ले तथा तीन बार समकोण में उनके ऊपर     पुन लपेटे ओर अन्त में तीन बार कसाव देकर क्लोहिच से         बंधन समाप्त कर दे।

6.फिगर ऑफ ऐट -इस बंधन का प्रयोग तीन लाठों को               जोड़कर तिपाही, तम्बू, झोपड़ी आदि बनाने में किया जाता       है। तीन बल्लियों के सिरे अष्ठाकार बंधन इस प्रकार बांधे की     दो बल्लियो का सिरा एक तरफ तथा मध्य की लाठी का           सिरा विपरीत दिशा में हो। किनारे वाली लादी पर कुठा फांस     लगाकर अंग्रेजी आठ की आकृति बनाते हुए 5-6 बार             लपेटते चले जाएं । अन्त में इनके मध्य दो-दो बार कसाव         देकर बीच वाली लाठी पर क्लोहिच लगाकर खत्म करेंगे ।

7. शेयर लेंसिंग -1.शेयर लेंग- जहां पर दुपाया बनाना हो, या पांवनुमा आकृति बनाना हो, वहां शेयर लेंग का प्रयोग किया जाता है

2. शेयर एक्सटेंशन- जहां पर लाठी की लंम्बाई  बढ़ानी हो वहां पर शेयर  एक्सटेंशन का प्रयोग किया जाता है। इसे लगाने के लिए पहला सिरा व दूसरी  लाठी का मोटा सिरा आपस में समान्तर रखकर लगायेंग।                 K. L. jha

   -अनुमान लगाना-                               
Time-3.05 PM
K. L. jha
1. ऊंचाई का अनुमान लगाना-
    11 कदम आगे व क्षितिज  व 12 कदम

(A) इंच - फूट विधि -
(B) नम्बर मेन्स विधि
(C) कलाकार या पेन्सिली
(D) छाया विधि 
(E) रेड इंडियन विधि-
(F) संभाग विधि

2. नदी की चौडाई ज्ञात करने 

A  पाॅइन्ट से किनारे 25 कदम 
B  पॉइन्ट  25 कदम

3. गहराई का अनुमान -

4. वजन का अनुमान

5. संख्या का अनुमान

-खोज के चिहुन-
शकील खान 
वन विद्या के अन्तर्गत वन्यजीवों व प्रकृति का ज्ञान तथा  रास्ते के संकेतों का अर्थ समझना, जानवरों के पद चिह्नों की जानकारी, कोई जानवर की सहमति से जा रहा वे भयभीत है या नहीं शिकारी द्वारा पद चिह्नों, विभिन्न वाहनों को देखकर अनुमान लगा लेना आदि जानकारी सम्मिलित है।

स्काउट गाइड सूक्ष्म-से सूक्ष्म संकेतों का अध्ययन करते हैं। तथा पैर के चिह्न, घांस का दबना, टहनियां कटना तथा भोजन के कण, बालों का गिराना आदि को देखकर ये अनुमान लगा लेते हे की या घटना घटी है।

-खोज के प्रमुख चिन्ह निम्नलिखित है।-

1. रास्ता साफ है।

2. तीर-की दिशा में चलो।          ]बड़ा पत्थर पर  छोटा पत्थर

3. रास्ता बन्द है.

4. तीर की ओर 5 कदम चलना है

5. यहां पर कुछ देर विश्राम करो
6. सब कुशल है                           




7. सब अकुशल है।  - 

8. शुद्ध जल पीने योग्य है
9. यह गन्दा जल है

10.कुआ है


11. >                       -    शान्ति है

12. <<<।                -     अशान्ति है

13.मन्दिर है


14.मस्जिद है


15.नदी में पानी है


16.नदी में पानी नहीं है


17.मैं शिविर में या घर पहुंच चुका हूँ


18.3 कदम पर कोई संदेश छिपा है।


19. शिविर है आगे ।


 
यूनिफार्म
                               कन्हैया झा सर 

स्काउट -यूनिफार्म -(1) शर्ट, स्टील ग्रे रंग की पट्‌टी सहित ढ़क्कन दार दो जेबों व बटन वाली कमीज   जिसके कंधों पर फलेप्स हो।

(2) पेन्ट - गहरे नीले रंग की पेन्ट जिसके अगल-बगल तथा ठिक पीछे पेट्टी के लिए लुप्पी

(3) बैरेट केप (पगडी व बेस) - नीले रंग की बेरेंट केप भौहो हो एक इंच ऊपर धरातल के समान्तर किन्तु दाएं ने कान की ओर झुकाव रखते हुए पहननी चाहिए इस केप बेस बायें भौहे के मध्य के ऊपर ब्रीम से एक अंगुली ऊपर हो, सिम्ख विशेष अवसरों पर वेस सहित नीली पगड़ी पहनेंगे।

4. स्कार्प -हरे-पीले और बैंगनी बादामी रंगों को छोड़ अन्य किसी भी पूरे दल को अन्य रंग का स्कार्प-चुनना है। स्कार्प की नाव 70 से 80 सेमी होती है। स्कार्प को अच्छी तरह लपेट कर शीर्ष को पीट पीछे रीड की हड्डी पर रखेंगे।

5. बॉगल को कंठ के गड़े के पास धारण कर सेवा गांठ लगा देंगे।

6. कंधे की बेज- - यह ग्रुप का परिचायक है। सफेद कपडे पर लाल रंग से ग्रुप का नाम लिखा जाना चाहिए दाहिने भांह के सिवन के नीचे 6-8 सेमी लेबी और 1.50.c m चोडी पट्टी सीवन के ठीक नीचे दो कन्धो पर सीधी जानी चाहिए।

* वॉगल - स्कार्प को बांधे रखने के लिए वॉगल का प्रयोग करते हैं।

* सदस्यता वैज - सदस्यता का प्रतीक हरे रंग के कपडे का बांये जेब के मध्य  का बटन और नीचले सिरे के बीचों बीच सिला जाना चाहिए।

* स्काउट बैज - दाहिनी जेब पर सदस्यता बेझ की भांति सीला जाता है इस बैश को पंजीकृत दल का कोई भी स्काउट लगा सकता है।

* जूते -जूते काले फितेदार होने चाहिए।

* मौजे - काले रंग के मौजे होने चाहिए।
* बरसाती / जॉकेट - गहरे नीले रंग की जॉकेट स्काउट के लिए     चिन्हित है।
* स्काउट बैन्ट - नाइलेम्स ग्रे रंग की हो जिस पर भारत स्काउट     गाइड्स संगठन द्वारा निर्धारित बकल लगा हो।


-विषय - ग्रुप प्रणाली -

विवेक - 10,00 AM.

एक बालक को पूर्ण स्काउट प्रशिक्षण प्रदान करने के लिए कब- स्काउट व रोवर का प्रशिक्षण प्राप्त करना होता है। वह विधि जिसके द्वारा किसी संख्या व क्षेत्र विशेष में कब स्काउट कब व रोवर यूनिट का व्यवस्थित संचालन कर इस यूनिट के सदस्यो को आयु वर्ग के अनुसार प्रगतिशील प्रशिक्षण उपलब्ध कराना ही ग्रुथ प्रणाली है।

1.कब (पैक) यूनिट -   इसमें पांच से दस वर्ष की आयु वर्ग के बालकों को प्रशिक्षण दिया जाता है।

2.स्काउट ग्रुप यूनिट-  इसमें दस से अठारह वर्ष की आयु वर्ग के बालकों को प्रशिक्षण दिया जाता है।

3.रोवर क्रू यूनिट-    इसमें सोलह से पचीस वर्ष के युवाओं को प्रशिक्षण दिया जाता है।

4.स्काउट आन्दोलन का मूलाधार ग्रुप ही है एक पूर्ण ग्रुप में कब, (पैक), से स्काउट ग्रुप  व रोवर के तीनों यूनिट सम्मिलित होती है इनमें से एक या अधिक युनिट को भी ग्रुप माना जाता है
है।


* स्काउट ग्रुप के प्रकार के *

1.  नियंत्रित सुप
2.  स्वतंत्र ग्रुप

1. नियंत्रित ग्रुप-  किसी संख्या विशेष से नियंत्रित एवं राज्य संगठन से मान्यता प्राप्त ग्रुप नियंत्रित ग्रुप कहलाते हैं। जैसे - विद्यालय, महाविद्यालय, फेक्ट्री।

इन ग्रुप की सदस्यता उनके विद्यार्थीयों व कर्मचारियो तक ही सीमित होती है।

2.स्वतंत्र ग्रुप- 

* क्रू कांउसिल या ग्रुप कोउसिल *

1.जिस स्काउट ग्रुप में एक से अधिक यूनिट का संचालन किया जाता है वह सब यूनिट लीडर मिलकर ग्रुप काउंसिल का गठन करते हैं ये कांउसिल की अध्यक्षता ग्रुप   कांउसिल करता है। इस कांउसिल की अध्यता ग्रुप लीडर करता है।

ग्रुप काउंसिल के कार्य- (1) ग्रुप में परीक्षण व प्रशिक्षण की व्यवस्था विभिन्न प्रकार के कार्यक्रमों के आयोजन की व्यवस्था करना।

(2)शिविर व भ्रमण कार्यो की व्यवस्था करना।

(3)स्थानीय संघ को सभी प्रकार की सूचना भेजना।

* ग्रुप कमेठी=

ग्रुप कमेठी - प्रत्येक ग्रुप के लिए एक ग्रुप कमेठी का गठन किया जाता है इसमें स्काउट के अभिभावक पुराने स्काउट  आन्दोलन में रूची रखने एवं सहयोग करने वाले व्यक्ति इस कमेटी के सदस्य हो। इन सदस्यों के द्वारा चयनित व्यक्ति ही इस कमेटी का अध्यक्ष होगा। ग्रुप लीडर इस कमेटी का सदस्य सचिव होगा।

* ग्रुप कमेटी के कार्य =

(1) स्काउटर प्रशिक्षण व परीक्षण के अतिरिक्त ग्रुप की समस्त व्यवस्था करता।

(2) चल -अचल सम्पत्ति की रख-रखाव करना ।

(3)ग्रुप के लिए जरूरी सुचनाओं की व्यवस्था करना।

स्काउटिंग का विस्तार।                  
                                                   Date: 07/08/2015
शकील खान

स्काउटिंग का तीन भागों में बांटा है-

1. थल एकाउटिंगा

2. जल एकाउटिंग

3. वायु स्काउटिंग

1.थल स्काउटिंग -  शरीरिक एवं मानसिक रूप से विकलांग जैसे- अंधे, शारीरिक अपंग मंदबुद्धि बालकों के लिए स्काउटिंग में एक्सटेशन शाखा है।  

1.एक विकलांग बालक स्काउट बनने योग्य है ।इसके लिए समय पर सभी थलीय स्काउट नियम मानने होंगे।

3.थलीय स्काउट के ग्रुप इसके संथान अस्पताल, कालोनी, या स्कूल में गठित किये जा सकते हैं। एक एक्सटेंशन नियमित स्काउट का सदस्य बन सकता है ये स्काउट ग्रुप स्थानीय संघ के अन्तर्गत कार्य करेंगे।

(का) थलीय स्काउट में स्काउट व गाइड दोनों भाग ले सकते हैं।

2. समुद्री स्काउटिंग-  • समुद्री स्काउट ट्रू तथा रोवरस्‌ के लिए शेवरस क्रू का गठन किया जावेगा।

• समुद्री स्काउट और समुद्री रोवर का अलग- २- समूह होगा।
• समुद्री स्काउट टू व समुद्री रोवर क्रू स्थानीय संघ के ही अंग होंगे।
• समुद्री स्काउट टू व समुद्री रोवरकू को जल कला का विशेष प्रशिक्षण लेना होगा।

3. एयर स्काउटिंग-  • हवाई स्काउट या हवाई रोवर हवाई गतिविधियों में शिक्षित किया जावेगा। 
• हवाई स्काउट व हवाई रोवर का ट्रू वे, क्रू वे गठित किया जाता  है।
• सामान्यत हवाई स्काउट ट्रू व हवाई रोवर क्रू स्थानीय संघ के क्षेत्राधिकार में ही कार्य करेंगे।
• हवाई स्काउट में रोवर ही भाग लेते हे रेंजर नहीं ।

यूनिट लीडर के कर्तव्य, योग्यता एवं  उसके दायित्व के होने चाहिए।                                        
                                                       प्रीति मेडम

* यूनिट लीडर के आयु कम से कम 18 वर्ष होनी चाहिए लीडर     में महिला व पुरुष दोनो नियुक्त हो।

* उसकी योग्यता कम से कम 10 वीं पास होना चाहिए
* अच्छे चरित्र व आचरण वाला होना चाहिए।

धार्मिक नीति व आचरण को समझने वाला किशोर आयु के बालों में अभिरुचि वाला व्यक्ति कि जानकारी रखता है। उनके साथ काम करने वाला दृष्टिकोण होना चाहिए।

उत्तरदायित्व *
* राष्ट्रीय भावना का विकास 
* नियम प्रतिज्ञा का पालन करने वाला, बच्चे का शारीरिक 
* मानसिक, उसमें सेवा की भावना का विकास करना। 
* बच्चों में ज्ञान वृद्धि करने वाला

-यूनिट लीडर के कर्त्तव्य-
1.उत्साह वर्धक, उनकी योग्यताओं को समझने वाला 
2.बालको के प्रति निस्वार्थ भावना रखने वाला 
3.बालकों को सर्वांगीण विकास
4.बालकों की रुचि व आवश्यकताओं के अनुरूप कार्यक्रम की     तैयारी करना।
5.स्काउट के व्यक्तिगत प्रगति के लिए चिन्तनशील होना। 

Mapping-मैपिंग

विषय - स्काउटिंगऔर धर्म
वार्ताकार। - हरदयाल गोचर

इस आन्दोलन की परिकल्पना इस खुबी से की गई है कि इसे अपनाने में न राष्ट्रीयता बाधक है, न जाति न धर्म, न लिंग, न भेद व लिंग ।

धार्मिक व नैतिक नीति :-

(1) स्काउट गाइड आन्दोलन की धार्मिक व नैतिक नीति अपने धर्म अथवा ईश्वर के प्रति श्रृद्धा पर आधारित है।  
(2) भारत स्काउट गाइड असम्प्रदायिक व वर्गहीन आन्दोलन है।

(3) प्रत्येक स्काउट गाइड आत्मानुभूति की स्वतंत्रता के लिए सामर्थवान है।

(4) प्रत्येक स्काउट गाइड दूसरों के धर्म के प्रति सहनशील व आधारवान रहेगा।

(5) जहां किसी ग्रुप में एक ही धर्म के स्काउट या सदस्य हो वहां ग्रुप लीडर चाहे तो उसे धर्म के प्रति उन सदस्यों को उस धर्म का पालन करने हेतु प्रोत्साहित कर सकता है।

(6)जहां पर एक ग्रुप में स्काउट विभिन्न धर्मो को मानने वाले हो वहां ग्रुप लीडर अलग-अलग धर्म को मानने के लिए बढ़ावा या सुविधा दे सकता है।
      

(7)किसी शिविर या रैली, उत्सव में की जाने वाली प्रार्थना साधारण हो तथा एकमतीय व एक धर्म वाली नहीं होनी चाहिए। तथा इसमें उपस्थिति ऐछिक होनी चाहिए।

-Topic-ईश्वर के प्रति कर्तव्य -

1.स्काउट गाइड को प्रतिदिन ईश्वर की प्रार्थना व धार्मिक आज्ञाओं का पालन करना आवश्यक है।

2.कर्तव्य का अर्थ - जिस ईश्वर ने हमें मनुष्य का जीवन दिया है। और हमारी सुख-सुविधाओं के लिए इतने साधन उत्पन्न किए की उसे हर समय याद करना तथा उसके प्रति कृतज्ञता प्रकट करना हमारा परम कर्तव्य है।

3.कर्तव्य की पालना - 1.प्रातकाल उठते ही ईश्वर का स्मरण           करना।

2.भोजन करने से पूर्व आभार व्यक्त करना।

3 किसी भी शुभ कार्य को करने से पूर्व ईश्वर को याद करना चाहिए।

4.रात्री शयन के समय बीते हुए दिन के लिए ईश्वर का आभार मानना, गलतियों के लिए क्षमा मांगना तथा नूतन प्रभात के लिए प्रार्थना करना।

5.स्काउट गाइड नियम व प्रतिज्ञा की पालना करना।   

6. प्रतिज्ञा - हमारी प्रतिज्ञा ईश्वर में आस्था/धर्म के प्रति अपने कर्तव्य को बताती है।

7. स्काउट के नियम - ईश्वर में आस्था दूसरो की सहायता, नेक चाल-चलन पशु-पक्षियों के प्रति दया मन, कर्म वचन की शुद्धता, प्रकृति में विश्वास पर बल देता है जोकि ईश्वर की मान्यता को स्वीकार करता है।

 8. प्रार्थना - स्काउट सदैव प्रकृति में विचरण कर प्राक्रतिक साधनों का उपयोग करते हैं नदियां जल पिलाती है, वृक्ष छाया देते है, वहां पर भी प्रशिक्षण का कार्य चलता रहता है।  

 -विषय - तृतीय सोपान की गाठें-

कन्हैया झा

                                           Time -10:05 A.m.
1. फायर मैंन चैंन नॉट I
2. ड्रॉ हिच -
3. मेन होर्न नेश
4. केट्स पा
5. छू मन्तर गांठ

1. फायर मेन चेन नोट- अगिनकाण्ड में ऊपरी मंजिलों से आहतों (मरीजो) को उतारने में इसका प्रयोग किया जाता है।

2. ड्रॉहिच -ऊंचाई पर बढ़ने व उतरने में विशेष कर जहां पर रस्से को वापस खीच लेना हो वहां इसका प्रयोग करते है

3. मेन होर्न नेश- भारी वजन या वस्तुएं को खींचने में यह उपयोगी है । ऊपर चढ़ने व उतरने में इसके कधें मजबूत व आराम दायक होती है।

4.केट्स पा- किसी कुंठी या हुक में लटकाने के लिए यह उपयोगी है।
* स्काउटर व गाइडर *

1. स्काउटर गाइड योग्यता- वृद्धि- (1) बेसिक केम्प-7 दिन का आवासीय केम्प जिला स्तर पर, 

2. advance Course इसके नौ महीने बाद 18-24 मई को केम्प राज्य स्तर पर लगता है। जो माउण्ट आबू लगता है।

3. H.W.B हिमालय वुडबेल -national stage मध्यप्रदेश पंचमनी में होता है। -1 वर्ष बाद, 7 दिन

4. प्री ए. एल.टी . (प्री असीस्टेंट लीडर ट्रेनर)- 1 वर्ष बाद होता है यह शिविर संचालक होता है। 

5. एल. टी .1 वर्ष बाद लीडर ट्रेनर प्रशिक्षण होता है। जो 7 दिन का होता है।

* बी.पी व्यायाम-  6-8*

बेडेन पॉवेल लार्ड स्मिथ-

 1. परिचय-  सर्वप्रथम बी.पी. ने छः व्यायाम के बारे में
स्काउटिंग फोर बोइज में बताया है ये व्यायाम शरीर के सभी भागों के लिए है ये व्यायाम बहुत ही धिमी गति से किए जाते है। ये सत्त प्रक्रिया हे जिसमें स्वांस लेना व छोड़ना एक छोटे विश्राम के साथ होता है स्वांस नाक से लेते है व मूंह से छोड़ते हैं ।यह व्यायाम अपना समय लेकर करना है।

2. प्रदर्शन- बिना किसी  व्याख्या के सही आदेशों का प्रयोग करते हुए कम से कम तीन बार प्रत्येक व्यायाम का प्रदर्शन दें 

3. प्रदर्शन व्याख्या- के साथ उचित आदेशों के साथ प्रदर्शन करे उचित आदेशों के साथ प्रदर्शन करे साथ ही हाथ, पैर की स्थिति एवं गति को स्पष्ट करे और स्वांस क्रिया की समझाइए ।

4. लाभ- प्रत्येक व्यायाम का स्काउटींग फोर बॉयज़ के अनुसार प्रत्येक व्यायाम का अर्थ शरीर के किस भाग के लिए है।

5. शंका व समाधान- सभी सहभागियों से व्यायाम से संबंधित उनकी समस्याएं पूछकर निवारण करें।

6.आदेश शब्दावली - 1. हुकम मेरे लिए -सावधान 
2. बी. पी. का पहला व्यायाम तैयार- व्यायाम शुरु, थम्ब, विश्राम 

-रात्रि ज्वाल गीत-
आग हुई है रोशन, 'आओ आग के पास सूरज डूबा तारे निकलें

-गीत व निनाद-

1. स्काउट-गाइड ने ठाना है 
स्वच्छता अभियान अपनाना है।

2. अह! किसी मीठी तान । 
जप भारत, जय राजस्थान

3. दूध मांगोंगे तो खीर देंगे। 
कश्मीर मोंगोगे तो चीर देंगे।

4. एक दो-तीन चार । 
मानवता की जय जयकार

5. बीड़ी पीकर खास रहा है। 
मौत के आगे नाच रहा है।

6. जो करता है धूमपान 
वह करता है मौत का पान ।

-रामधुन-

रघुपति राघव राजा राम, पतित पावन सीताराम। 
सीताराम सीताराम, भज प्यारे सीताराम ।। रघुपति राघव.

ईश्वर अल्लाह तेरे नाम, सबको सन्मति दे भगवान ॥ 
रघुपति राघव-........।

वेद पढो चाहे पढ़ो कुरान, इन दोनों में तेरा नाम । 
रघुपति राघव.......।

मंदिर मस्जिद तेरे धाम, सब में बसते श्री भगवान । 
रघुपति राघव. ......।

*नाम धुन*

जय बोलो सब धर्मो की, जय बोलो सत कर्मों। 
जय बोलो मानवता की, जय बोलो सब जनता की।

पिछड़ी कोई जाति हो, सबसे सबकी प्रीति हो । देश धर्म से नीति हो, हम सत् के ही साथी हो । जय..

हम सब कष्ट उठायेगे, सब मिलकर सुख पायेंगे। सब मिल प्रभु गुण गाएंगे, सत का यश फैलायेंगे ।।

जय बोलो सब धर्मो की,......।

चित्र:-

- विषय -स्काउट/गाइड चिन्ह, सैल्यूट, आदर्शवाक्य 

1- चिह्न - बायां हाथ की तीनों अंगुलियां तनी हुई तथा छोटी मोड़कर उसके नाखून को अंगुठे से दबाते हुए सावधान के शरीर की मुद्रा में हो।

- स्काउट गाइड का चिह्‌न का प्रयोग प्रतीज्ञा दोहराते समय तथा अपनी पहचान बताने के लिए किया जाता है।

2. सैल्यूट=

3. टेन्ट व्यवस्था



S.T.A Table

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