केंद्र व राज्य सरकार की शैक्षिक योजना :
MGGS SCHOOL PREPRATION
केन्द्र सरकार की योजनाएँ
1. पीएम श्री स्कूल्स योजना: 5 Sept. 2022
2. निपुण भारत योजना: 05 July 2021
3. STARS योजना: 16 Oct. 2020
4. प्रधानमंत्री पोषण योजना: 29 Sept. 2021
5. पीएम ई-विद्या योजना: 31 Dec. 2020
6. इन्सपायर अवॉर्ड योजना: सन् 2008
7. राष्ट्रीय प्रतिभा खोज
परीक्षा: सन् 2013 (संशोधित
वर्ष 2014-15)
8. नेशनल मीन्स कम मेरिट
स्कॉलरशिप: सन् 2008
9. माध्यमिक स्तर की बालिकाओं
के प्रोत्साहन की राष्ट्रीय योजना: May, 2008
10. समग्र शिक्षा
(SMSA/समसा): 01 April 2018
11. समग्र शिक्षा अभियान
2.0: August 2021
12. विद्यांजलि पोर्टल: 07 Sept. 2021
13. राष्ट्रीय आविष्कार
अभियान: 09 July 2015
1. पीएमश्री
(PM SHRI) योजना
PM SHRI - प्रधानमंत्री स्कूल्स फॉर राइसिंग इंडिया
प्रारंभ- इस योजना के तहत् देश भर में 14500 स्कूलों का विकास व उन्नयन किया
जायेगा। शिक्षक दिवस (5 सितम्बर 2022) के अवसर पर इस योजना की घोषणा की गयी थी।
नोडल विभाग: शिक्षा मंत्रालय, भारत सरकार
इन विद्यालयों में राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अंतर्गत आधुनिक बुनियादी
ढाँचा, उच्च शिक्षण उपकरण और प्रौद्योगिकी,स्मार्ट क्लासरूम, एडवांस्ड खेल
सुविधाओं आदि का विस्तार किया जायेगा।
• स्कूलों को सौर पैनलों,
स्मार्ट अपशिष्ट निपटान और प्रबंधन प्रणाली, प्राकृतिक रूप से खेती किए गए पोषण उद्यान, जल संरक्षण और संचयन प्रणाली आदि के साथ 'ग्रीन
स्कूल' के रूप में विकसित किया
जाएगा।
• प्रत्येक स्कूल को मेंटरिंग
के लिए उच्च शिक्षण संस्थानों से जोड़ा जाएगा और स्थानीय कारीगरों के साथ इंटर्नशिप
के प्रावधान होंगे। 1/16
• इसके अन्तर्गत एक स्कूल
गुणवता मूल्यांकन फ्रेमवर्क (r) विकसित किया जा रहा है, जो परिणामों को मापने के लिए
प्रमुख प्रदर्शन संकेतकों को निर्दिष्ट करता है।
• वित्त पोषण: इस
योजना का 2022-23 से 2026-27 तक के लिए 27,360 करोड़ का बजट है जो 60:40 में केन्द्र
व राज्यों में
विभक्त होगा।
चयन प्रक्रिया : इस योजना के तहत् प्रत्येक ब्लॉक से दो
विद्यालय चयनित किए जाएँगे, इनमें से एक विद्यालय प्रारम्भिक शिक्षा व एक
विद्यालय माध्यमिक शिक्षा का होगा। चयन प्रक्रिया त्रि-स्तरीय होगी तथा UDISE +
डाटा के आधार पर विद्यालयों का चयन होगा। निर्धारित मापदंडों को पूरा करने वाले
विद्यालय चयनित होंगे।
विद्यालयों द्वारा ऑनलाइन चैलेंज पोर्टल के माध्यम से आवेदन किया जाएगा। 1500 करोड़ रुपये के बजट के साथ राजस्थान के 716 विद्यालयों को इसके तहत मॉडल
स्कूल के रूप में विकसि किया जायेगा।
2. निपुण
(NIPUN) भारत योजना
NIPUN - नेशनल इनीशिएटिव
फॉर प्रोफेसियन्सी इन रीडिंग विद अंडरस्टैंडिंग एंड न्यूमेरसी
प्रारंभ:
5 जुलाई 2021 को तत्कालीन शिक्षामंत्री रमेश
पोखरीयाल निशंक द्वारा किया गया।
• कार्यान्वयन- स्कूल शिक्षा एवं साक्षरता विभाग, शिक्षा मंत्रालय
समग्र शिक्षा के एक भाग
के रूप में केन्द्र प्रायोजित योजना है।
इस योजना के तहत् वर्ष 2026-27 तक कक्षा 3 (9 वर्ष की आयु तक) तक प्रत्येक
बालक को पढ़ने, लिखने एवं अंकगणित को सीखने की क्षमता प्रदान की जायेगी।
इस योजना के तहत् मूलभूत साक्षरता एवं संख्यात्मकता (FLN) कार्यक्रम चलाया
गया है। इसके तहत् शिक्षकों को प्रशिक्षित किया जायेगा।
3. STARS योजना
STARS- स्ट्रेंथनिंग
टीचिंग लर्निंग एंड रिजल्ट्स फॉर स्टेट्स
प्रारंभ- 16 अक्टूबर 2020
• कार्यान्वयन-
स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग, शिक्षा मंत्रालय
इस योजना के तहत्
भारतीय स्कूल शिक्षा प्रणाली में शिक्षा गुणवत्ता में सुधार हेतु परख (PARAKH
परफॉरमेंस असेसमेंट, रिव्यु एंड एनालाइसिस ऑफ नॉलेज फॉर हॉलिस्टिक डेवलपमेंट) नामक
एक राष्ट्रीय मूल्यांकन केन्द्र स्थापित किया गया है।
यह विश्व बैंक के
सहयोग से केन्द्र प्रायोजित योजना है।
इसमें वित्त पोषण का
अनुपात क्रमशः विश्व बैंक : केन्द्र सरकार : राज्य सरकार (15%: 53% 32%) है।
इसमें राज्यों का
चयन परफॉरमेंस ग्रेडिंग इंडेक्स में राज्यों के प्रदर्शन के आधार पर किया जाता है।
इसमें राज्यों को दो भागों में बांटा गया है-
1. लाइटहाउस राज्य
केरल, राजस्थान, हिमाचल प्रदेश
2. लर्निंग राज्य
ओडिशा, मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र।
उपर्युक्त छः
राज्यों में यह योजना पायलट प्रोजेक्ट के रूप में शुरू की गई है।
इसे राष्ट्रीय
शिक्षा नीति 2020 के लॉन्च ह्निकल के रूप में जाना जाता है।
4. प्रधानमंत्री पोषण योजना
• पीएम पोषण-
प्रधानमंत्री पोषण शक्ति निर्माण
प्रारंभ- 29 सितंबर 2021
योजना अवधि- 2021-22 से 2025-26
• पूर्व में संचालित
मिड-डे मिल योजना (15 अगस्त 1995) के स्थान पर लागू।
इस योजना के अंतर्गत
सरकारी एवं सरकारी सहायता प्राप्त स्कूलों में कक्षा 1 से 8 तक के बालकों को गर्म
पका हुआ भोजन उपलब्ध करवाया जाता है।
• उद्देश्य पोषण की
स्थिति में सुधार करना। बच्चों को नियमित रूप से स्कूल जाने हेतु प्रेरित करना।
प्रति बच्चे प्रतिदिन पोषण मानदंड
मानक प्राथमिक
उच्च प्राथमिक
कैलोरी 450
700
प्रोटीन 12 ग्राम 20 ग्राम
प्रति बच्चे प्रतिदिन भोजन मानदंड
मानक प्राथमिक उच्च प्राथमिक
1. अनाज 100 ग्राम 150 ग्राम
2. दाल 20 ग्राम। 30 ग्राम
3. सब्जियाँ 50 ग्राम 75 ग्राम
4. तेल एवं वसा 5
ग्राम 7.5 ग्राम
5. पीएम ई-विद्या योजना
• प्रारम्भ :
31 मई 2020
• उद्देश्य भारत
सरकार द्वारा कोविड-19 के दौरान मल्टीमोड एक्सेस के जरिए डिजिटल शिक्षा प्रदान
करने हेतु इस योजना की शुरूआत की।
यह योजना शिक्षा के
लिए वैकल्पिक पहुँच उपलब्ध करवाएगी तथा शिक्षा संबंधी किए जा रहे सभी डिजिटल
प्रयासों को एक साथ लाएगी।
• स्कूली शिक्षा के
लिए पीएम ई-विद्या के चार घटक है-
1. वन नेशन, वन
डिजिटल एज्यूकेशन (दीक्षा) प्लेटफॉर्म
2. स्वयंप्रभा टीवी
चैनल के माध्यम से वन क्लास, वन टीवी चैनल इन्टरनेट की पहुँच से दूर छात्रों के
लिए बत्तीस स्वयंप्रभा डीटीएच चैनलों के माध्यम से गुणवता पूर्वक शिक्षा प्रदान की
जा रही है।
3. रेडियो,
सामुदायिक रेडियो और पॉडकास्ट का उपयोग- ऑनलाइन पहुँच से दूर स्थिति क्षेत्रों में
रडियो प्रसारण (289 सामुदायिक रेडिया स्टेशनों का उपयोग) का उपयोग कर NIOS के लिए
कक्षा 9 से 12 के विद्यार्थियों को ओडिया सामग्री उपलब्ध करवाई जाएगी।
4. विकलांगों के लिए
बधिर छात्रों के लिए सांकेतिक भाषा का उपयोग करते हुए एक डीटीएच चैनल शुरू किया
गया। साथ ही दृष्टिबाधित और कम सुनने वाले छात्रों के लिए साइन लैंग्वेज (डेजी)
में डिजिटल जानकारी एनआईओएस वेबसाइट और यूट्यूब पर उपलब्ध कराई गई।
मनोदर्पण- कोविड-19
प्रकोप और उसके बाद छात्रों व शिक्षकों को मानसिक स्वास्थ्य और भावनात्मक भलाई के
लिए मनोसामाजिक सहायता प्रदान करने की गतिविधियों की श्रृंखला।
6. इन्सपायर अवार्ड योजना
INSPIRE- इनोवेशन इन सांइस परस्यूट फॉर इंस्पायर्ड
रिसर्च
इंस्पायर्ड अवार्डस
MANAK मिलियन माइन्ड्स ऑगमेंटिंग नेशनल एस्पिरेशंस एण्ड नॉलेज
प्रारम्भ : 2008 (सत्र 2009-10 से)
उद्देश्य - देशभर के सभी सरकारी और निजी स्कूलों के कक्षा
6 से 10 में अध्ययनरत विद्यार्थियों में मौलिक और रचनात्मक तकनीकी विचारों या
नवाचारों को एक नई दिशा देना। प्रतिभाओं को आकर्षित करने के लिए उन्हें कम उम्र
में ही विज्ञान से अवगत कराना और विज्ञान और प्रौद्योगिकी के माध्यम से सामाजिक
जरूरतों को पूरा करने के लिए स्कूली बच्चों के बीच रचनात्मक और नवीन सोच की
संस्कृति को बढ़ावा देना।
इस योजना का संचालन
'विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग' भारत सरकार के अधीन नेशनल इनोवेशन फाउंडेशन
(एनआईएफ) द्वारा किया जाता है। इस योजना के तहत् स्कूल वेबसाइट (E- MIAS) के
माध्यम से छात्रों के पाँच सर्वश्रेष्ठ मूल विचारों या नवाचारों को नामांकित किया
जाता है।
• पात्रता: कक्षा 6 से 10 तक सभी प्रकार के विद्यालयों में अध्ययनरत
विद्यार्थी।
विद्यार्थियों की
आयु: 10 से 15 वर्ष के मध्य हो।
लाभ: 10 हजार रुपये एक मुश्त (चयनित एक लाख विद्यार्थियों को देय।)
महत्त्वपूर्ण नोट :
1. वर्ष 2021-22 में राजस्थान राज्य ने इन्सपायर
अवार्ड मानक योजना के अन्तर्गत कुल 10,019 बाल वैज्ञानिकों के चयन के साथ देश में प्रथम
स्थान प्राप्त किया है।
2. राज्य के 3 जिले देश के टॉप 10 जिलो में है
जिनमें जयपुर (993) सम्पूर्ण देश में प्रथम, अलवर (621) चौथा स्थान और झुन्झुनूँ
(561) छठा स्थान पर रहे।
7. राष्ट्रीय प्रतिभा खोज परीक्षा
•NTSE-National Talent Search Examination
प्रारम्भ: 2013 (संशोधित वर्ष 2014-15)
• राष्ट्रीय प्रतिभा खोज परीक्षा का आयोजन राष्ट्रीय
शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद् (NCERT) द्वारा उन प्रतिभाशाली छात्रों की पहचान
करने के लिए किया जाता है जो विज्ञान और सामाजिक अध्ययन धाराओं में उच्च शिक्षा प्राप्त
करना चाहते है।
NTSE योजना का उद्देश्य विज्ञान और सामाजिक अध्ययन
स्ट्रीम में शिक्षा प्राप्त करने वाले प्रतिभाशाली छात्रों को उनकी शिक्षा जारी रखने
में मदद करने के लिए छात्रवृति के साथ पुरस्कार देना है।
NTSE हर साल दो स्तर पर आयोजित किया जाता है-
स्टेज-1 (राज्य स्तर) जो राज्यों/केन्द्र शासित प्रदेशों और स्टेज-II (राष्ट्रीय स्तर)
द्वारा संचालित किया जाता है। जो NCERT द्वारा संचालित किया जाता है।
राष्ट्रीय प्रतिभा
खोज परीक्षा स्टेज। के लिए पात्रता मानदंड
NTSE स्टेज-1
का संचालन राज्य/संघ राज्यों क्षेत्रों द्वारा किया जाता है।
दसवीं कक्षा में
पढ़ने वाले सभी विद्यार्थी परीक्षा में बैठने के पात्र है। (नोट:- पहले कक्षा 9वीं
में 55 प्रतिशत अंको से उतीर्ण आवश्यक था।)
ओपन डिस्टेंस
लर्निंग (ओडीएफ) के तहत् पंजीकृत छात्र भी छात्रवृति परीक्षा के लिए योग्य माने
जाते है यदि वह 18 वर्ष से कम आयु के है (1 जुलाई को, वर्ष के अनुसार) और दसवीं
कक्षा की परीक्षा में शामिल नहीं होते है।
राष्ट्रीय प्रतिभा
खोज परीक्षा स्टेज ।। के लिए पात्रता मानदण्ड
• राज्य स्तर की परीक्षा में 80% या उससे अधिक
अंक प्राप्त करने वाले छात्र राष्ट्रीय स्तर पर NCERT द्वारा आयोजित की जाने वाली स्टेज-II
के लिए पात्र है।
• देशभर में राष्ट्रीय स्तर के NTSE के लिए लगभग
4000 छात्रों को शॉर्टलिस्ट किया जाता है।
• वे सभी छात्र जो स्टेज-1 में न्यूनतम आवश्यक
अंकों को सुरक्षित करते है छात्रवृति कार्यक्रम के लिए पात्र है।
राष्ट्रीय प्रतिभा खोज परीक्षा चयन प्रक्रिया
स्टेज-1 के लिए यह छात्रवृति के पुरस्कार के लिए दो चरण चयन प्रक्रिया है
चयन लिखित परीक्षा के माध्यम से राज्यों/ केन्द्रशासित प्रदेशों द्वारा किया जाता
है वे छात्र जो स्टेज-1 के योग्य है वे NCERT द्वारा आयोजित स्टेज-II परीक्षा में
उपस्थित होने के लिए पात्र है।
चरण-II के लिए माध्यमिक स्तर पर छात्र नामांकन के आधार पर प्रत्येक राज्य
और केन्द्र शासित प्रदेश के लिए एक कोटा है सामान्य वर्ग के उम्मीदवारों के लिए
अर्हक अंक प्रत्येक पेपर में 40% और एससी, एसटी, पीएच के उम्मीदवारों के लिए
प्रत्येक पेपर में 32% है।
NTSE छात्रवृति राष्ट्रीय
प्रतिभा खोज परीक्षा -
हर साल 1000 छात्रवृति प्रदान की जाती है जिनमें से 750 अनारक्षित है हर
छात्र स्टेज II में उत्तीर्ण होते है वे छात्रवृति के लिए पात्र होते है वर्तमान
योजना के तहत् छात्रवृति डॉक्टरल स्तर तक विज्ञान और सामाजिक विज्ञान में
पाठ्यक्रम और द्वितीय डिग्री स्तर तक चिकित्सा इंजीनियरिंग और Law के प्रोफेशनल
कोर्स के लिए उम्मीदवारों को प्रदान की जाती है।
• छात्रवृति की राशि
-
कक्षा XI और XII के लिए 1250 रुपये प्रतिमाह की छात्रवृति तथा अंडर
ग्रेजुएट और पोस्ट ग्रेजुएट के लिए 2000 रुपये प्रतिमाह की छात्रवृति देय। (नोट:
प्रतिवर्ष अधिकतम 10 माह के लिये देय है।)
पीएचडी के लिए छात्रवृति UGC नॉर्म्स के अनुसार प्रदान किया जाता है।
(नोट:- प्रतिवर्ष अधिकतम 10 माह के लिये देय है।)
राजस्थान में NTSE का आयोजन राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड द्वारा किया
जाता है।
8. नेशनल मीन्स कम मेरिट स्कॉलरशिप
प्रारम्भ: 2008
संचालन - स्कूल शिक्षा एवं साक्षरता विभाग (भारत सरकार)
राजस्थान में नोडल
ऐजेंसी RSCERT को बनाया गया।
• पात्र: राजकीय विद्यालयों में कक्षा 8 में अध्ययनरत विद्यार्थी। माता-पिता की आय
3.50 लाख रुपये से अधिक नहीं हो।
कक्षा: 11 व 12 के लिए कक्षा 10वीं में
60% से अधिक अंक हो।
लाभ: कक्षा 9 से 12वीं तक प्रत्येक
वर्ष 12000/- रुपये देय हो।
9. माध्यमिक स्तर की बालिकाओं के
प्रोत्साहन की राष्ट्रीय योजना
प्रारम्भ - मई 2008
माध्यमिक शिक्षा के
लिए बालिकाओं को प्रोत्साहन की राष्ट्रीय योजना के अन्तर्गत राजकीय / अनुदानित
विद्यालय की कक्षा 9 में अध्ययनरत अनुसूचित जाति/जनजाति एवं कस्तूरबा गाँधी बालिका
विद्यालयों की छात्राओं के लिये प्रोत्साहन योजना।
पात्रता: 1.
अनुसूचित जाति / जनजाति की वे सभी बालिकाएँ जिन्होंने कक्षा 8 परीक्षा उत्तीर्ण कर
ली हो।
2. वे बालिकाएँ जिन्होंने कस्तूरबा गाँधी बालिका
विद्यालय से कक्षा 8 परीक्षा उत्तीर्ण कर ली है (ये अनुसूचित जाति या अनुसूचित जनजाति
से संबद्ध हों अथवा नहीं) और उन्होंने राज्य/संघ राज्य क्षेत्र के सरकारी, सरकार द्वारा
सहायता प्राप्त या स्थानीय निकाय के स्कूल की कक्षा 9 के लिए शैक्षिक वर्ष 2008-09
से अपना नामांकन कराया है।
3. कक्षा 10 में प्रवेश लेते समय (31 मार्च की
स्थिति के अनुसार) बालिकाओं की आयु 16 वर्ष से कम होनी चाहिए।
4. विवाहित बालिकाएँ निजी गैर सहायता प्राप्त
स्कूलों और केन्द्र सरकार द्वारा संचालित स्कूलों में नामांकन कराने वाली बालिकाएँ
इस योजना में शामिल नहीं है।
• लाभ: पात्र बालिकाओं के नाम से 3000 रुपये नियत राशि के
रूप में जमा कर दिये जाते हैं। बालिकाएँ 18 वर्ष की आयु पूर्ण होने और कक्षा 10 की
परीक्षा उत्तीर्ण होने पर अर्जित ब्याज सहित यह राशि निकाल सकती है।
10. समग्र शिक्षा (SMSA/समसा
प्रारंभ: 1 अप्रैल, 2018
• केन्द्र प्रायोजित योजना जिसे 24 मई, 2018 को
शिक्षा मंत्रालय द्वारा लॉन्च किया
गया था। इसमें केन्द्र और अधिकांश राज्यों के बीच
वितपोषण 60:40 है।
क्रियान्वयन - 'राजस्थान स्कूल शिक्षा परिषद' द्वारा।
यह योजना 'सर्व
शिक्षा अभियान' (SSA), 'राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान (RMSA) और शिक्षक
शिक्षा' (TE) की तीन योजनाओं को समाहित करती है।
समग्र शिक्षा
अभियान (SMSA)
1. सर्व शिक्षा अभियान (SSA) -2001
कक्षा (1 से 8)
प्रारंभ: 2001-02
उद्देश्य:
प्रारंभिक शिक्षा (1 से 8) का सार्वभौमिकरण करना
क्रियान्वयन - राजस्थान प्रारंभिक शिक्षा परिषद जयपुर
2. राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा
अभियान (RMSA) 2009 कक्षा (9 से 12)
प्रारंभ: 2009-10
उद्देश्य- माध्यमिक शिक्षा कक्षा (9 से 12) तक के
विद्यार्थियो को गुणवता पूर्ण शिक्षा देना
क्रियान्वयन - राजस्थान माध्यमिक शिक्षा परिषद जयपुर
लक्ष्य - प्रारंभिक व माध्यमिक शिक्षा का सार्वभौमिकरण
अर्थात् समावेशी, न्यायसंगत और सुगम स्कूली शिक्षा प्रदान करना।
यह स्कूली शिक्षा
के लिए एक एकीकृत योजना हैं, जिसमें प्री स्कूल से लेकर बारहवीं कक्षा तक की
शिक्षा संबंधी सभी पहलुओं को शामिल किया गया है।
विशेषताएं-
·
गुणवतापूर्ण
शिक्षा छात्रों के सीखने के परिणामों को बढ़ाने का प्रावधान।
·
विद्यालयों में सोशल और जेंडर गैप को कम करना।
·
सभी स्तरों पर समता और समावेशिता को सुनिश्चित करना।
·
व्यावसायिक शिक्षा को बढ़ावा देना।
·
निःशुल्क और
अनिवार्य शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 के क्रियान्वयन में सहायक
·
शिक्षण प्रशिक्षण के लिए नोडल एजेंसियों के रूप में SCERT/
·
DIET का सुदृढ़ीकरण
और उन्नयन
·
खेल और शारीरिक शिक्षा को प्रोत्साहन
·
शिक्षक शिक्षा और प्रशिक्षण को सुदृढ़ करना।
11. समग्र
शिक्षा अभियान 2.0
प्रारंभ: अगस्त 2021 को केन्द्र सरकार द्वारा मंजूरी प्रदान
• यह योजना नई शिक्षा नीति
2020 की सिफारिशों के अनुरूप बनाई गई है।
• यह योजना 1 अप्रैल,
2021 से लेकर 31 मार्च, 2026 तक कार्यान्वित की जाएगी। आने वाले वर्षों में अभियान के अंतर्गत चरणबद्ध
तरीके से स्कूलों में बाल वाटिका, स्मार्ट कला, प्रशिक्षित शिक्षकों की व्यवस्था
की जाएगी। इस अभियान के माध्यम से एक आधारभूत ढांचा, व्यावसायिक शिक्षा एवं
रचनात्मक शिक्षण विधियों की व्यवस्था की जाएगी।
• यह शिक्षा के लिए सतत
विकास लक्ष्य (एसडीजी-4) के अनुसार है।
12. विद्यांजलि पोर्टल
प्रारम्भ - 7 सितम्बर 2021
• उद्देश्य- समुदाय
या स्वयंसेवक प्रबंधन कार्यक्रम के माध्यम से सरकारी तथा सरकारी सहायता प्राप्त स्कूलों
को जोड़ना।
विद्यांजलि पोर्टल समुदाय/स्वयंसेवकों को अपने ज्ञान को साझा करने के लिए
अपनी पसंद के स्कूलों से वार्तालाप करने और प्रत्यक्ष जुड़ने में सक्षम बनाता है
और कौशल के साथ-साथ ये विभिन्न संपत्ति, सामग्री व उपकरण आदि विद्यालयों में
प्रदान कर सकते है।
13. राष्ट्रीय
आविष्कार अभियान
बच्चों में गणित व विज्ञान के प्रति उत्सुकता, सृजनता व प्रेम की भावना
विकसित करने के उद्देश्य से केन्द्रीय मानव विकास संसाधन मंत्रालय ने 9 जुलाई,
2015 को राष्ट्रीय आविष्कार अभियान का शुभारंभ किया।
इस अभियान के तहत निम्न गतिविधियाँ आयोजित की जाती है -
1. विज्ञान एवं गणित क्लबों
का गठन
2. राज्य से बाहर एक्सपोजर
विजिट
3. प्रारम्भिक से उच्च माध्यमिक
विद्यालयों के विद्यार्थियों हेतु विज्ञान प्रदर्शनी
4. क्विज प्रतियोगिता
5. पुस्तक मेला का आयोजन
6. जिलों के उउच्च संस्थानों
में विद्यार्थियों हेतु अध्ययन भ्रमण
राज्य सरकार की शैक्षणिक योजनाएं
1.
मुख्यमंत्री अनुप्रति कोचिंग योजना
2.
मुख्यमंत्री बाल गोपाल योजना
3.
बालिका दूरस्थ शिक्षा योजना
4.
मुख्यमंत्री राजश्री योजना
5.
कालीबाई भील मेधावी छात्रा स्कूटी योजना
6.
देवनारायण स्कूटी योजना
7. कृषि
में अध्ययनरत छात्राओं के लिए प्रोत्साहन योजना
8.
इंदिरा शक्ति फीस पुनर्भरण योजना
9. अधिस्वीकृत
पत्रकारों के बच्चों को स्कॉलरशिप
10.
अब्दुल कलाम व्यक्तित्व विकास योजना
11.
राजीव गाँधी स्कॉलरशिप फॉर एकेडमिक एक्सीलेंस योजना
12.
राजस्थान अम्बेडकर डीबीटी वाउचर योजना
13.
विधवा/परियक्ता महिलाओं के लिए मुख्यमंत्री सम्बल योजना
14.
मुख्यमंत्री शिक्षा अलंकार पुरस्कार योजना
15.
राज्य प्रतिभा खोज परीक्षा
16.
विमुक्त घूमन्तु एवं अर्द्धघूमन्तु समुदाय के विद्यार्थियों को निःशुल्क साइकिल
वितरण
17.
ट्रांसपोर्ट वाउचर योजना
18. खेल
रत्न एवं कला रत्न पुरस्कार योजना
19.
विद्यार्थी सुरक्षा दुर्घटना बीमा योजना
20.
राजस्थान एकल या द्वि पुत्री योजना
21.
विद्यार्थियों की सृजनात्मक प्रतियोगिताओं का आयोजन
22.
निःशुल्क पाठ्यपुस्तक वितरण योजना
23.
राजस्थान निःशुल्क यूनिफॉर्म वितरण योजना
24.
स्वास्थ्य शिक्षा कार्यक्रम
25.
मीरा / एकलव्य प्रोत्साहन योजना
26.
मीना-राजू मंच एवं गार्गी मंच
27.
अध्यापिका मंच
28.
राजस्थान के पूर्व सैनिकों की प्रतिभावान पुत्रियों को देय छात्रवृत्ति योजनाएँ
29. बाल
सभा
30.
आनंदम् पाठ्यक्रम
31.
शैक्षणिक किशोरी मेला
32.
STAR कार्यक्रम
33.
इंदिरा प्रियदर्शिनी स्वर्णिम उड़ान योजना
34.
बालिका शिक्षा फाउण्डेशन की योजनाएँ
35.
गार्गी पुरस्कार
36. बालिका प्रोत्साहन योजना
37. इन्दिरा प्रियदर्शिनी पुरस्कार
38. शारीरिक अक्षमता युक्त बालिकाओं हेतु आर्थिक
संबलता पुरस्कार योजना
39. मूक बधिर नेत्रहीन बालिकाओं हेतु आर्थिक
संबलता पुरस्कार योजना
40. आपकी बेटी योजना
41. मुख्यमंत्री हमारी बेटी योजना
42. विदेश में स्नातक शिक्षा योजना
43. महात्मा गांधी अंग्रेजी माध्यम स्कूल
44. स्वामी विवेकानन्द मॉडल स्कूल
45. पालनहार
योजना
46. सुकन्या समृद्धि
योजना
47. पूर्व मैट्रिक अति पिछडा वर्ग छात्रवृत्ति
कक्षा 06 से 10
48. पूर्व मैट्रिक अनुसूचित जाति छात्रवृत्ति
कक्षा 09 से 10
49. राजीव गांधी डिजिटल योजना
50. कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय (केजीबीवी)
योजना
1. मुख्यमंत्री अनुप्रति कोचिंग योजना
5 जून,
2021 को मुख्यमंत्री श्री अशोक गहलोत ने हर वर्ग के आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के प्रतिभावान
पात्र विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं और विभिन्न प्रोफेसनल कोर्स की उत्कृष्ट
तैयारी के लिए निःशुल्क कोचिंग योजना को स्वीकृति दी।
संचालन : जनजातीय क्षेत्रीय विकास विभाग,
सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता तथा अल्पसंख्यक मामलात विभाग के माध्यम से
नोडल विभाग: सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग
पात्रता : • अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग, अति
पिछड़ा वर्ग, अल्प संख्यक व आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के विद्यार्थी का पात्र होंगे
जिनके परिवार की वार्षिक आय 8 लाख रूपये प्रतिवर्ष से कम है।
• ऐसे विद्यार्थी
जिनके माता- पिता राज्य सरकार के कार्मिक के रूप में पे-मैट्रिक्स लेवल - 11 तक का
वेतन प्राप्त कर रहे है, पात्र होंगे ।
किसी भी छात्र-छात्रा को इस योजना का लाभ केवल 1 वर्ष की
अवधि के लिए देय होगा।
लाभ : • संघ लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित सिविल सेवा परीक्षा,
राजस्थान लोकसेवा आयोग द्वारा आयोजित आर.ए.एस. एवं अधीनस्थ सेवा संयुक्त प्रतियोगी
परीक्षा, सब इन्स्पेक्टर एवं 3600 ग्रेड पे या पे-मैट्रिक्स लेवल 10 से ऊपर की अन्य
परीक्षा, रीट, राजस्थान कर्मचारी चयन आयोग द्वारा आयोजित ग्रेड पे 2400 या पे-मैट्रिक्स
लेवल 5 से ऊपर की परीक्षा, कॉन्स्टेबल परीक्षा आदि की तैयार करने वाले अभ्यार्थियों
को योजना का लाभ मिल सकेंगा।
·
विशेष : परीक्षार्थियों की मैरिट का
निर्धारण 12वीं अथवा 10वीं के प्राप्तांकों के आधार पर किया जायेगा।
·
छात्र-छात्राओं के चयन के समय यह
प्रयास किया जायेगा कि लाभार्थियों में कम से कम 50% छात्राएँ हो।
·
S.T. वर्ग के लिए योजना का संचालन जनजातीय क्षेत्रीय विकास
विभाग एवं S.C., OBC, MBC & EWS वर्ग के लिए सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग
तथा अल्पसंख्यक वर्ग के लिए अल्पसंख्यक मामलात विभाग द्वारा किया जायेगा।
·
अपना आवास छोड़कर अन्य शहर के
प्रतिष्ठित संस्थान से कोंचिंग प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को भोजन एवं आवास
के लिए 40,000 रूपये प्रतिवर्ष अतिरिक्त राशि उपलब्ध कराई जायेगी।
नोट:-1 अप्रेल 2022 से इस योजना में निःशुल्क कोचिंग हेतु
लाभार्थी विद्यार्थियों की संख्या 10 हजार से बढ़ाकर 15 हजार की गई।
2. मुख्यमंत्री बाल गोपाल योजना
मुख्यमंत्री की बजट 2022-23 घोषणा की अनुपालना में मिड
डे मिल योजना से जुड़े राजकीय विद्यालयों, मदरसों तथा विशेष प्रशिक्षण केन्द्रों
से बच्चों को सप्ताह में दो दिन दूध उपलब्ध करवाने के लिए प्रदेश में 29 नवंबर
2022 को मुख्यमंत्री बाल गोपाल योजना शुरू की गई।
उद्देश्य :
·
विद्यार्थियों के पोषण स्तर में
सुधार लाना तथा आवश्यक मैक्रो व माइक्रो न्यूट्रियन्टस उपलब्ध कराना।
·
राजकीय विद्यालयों में नामांकन एवं उपस्थिति
में वृद्धि।
·
विद्यार्थियों का ड्राप आउट रोकना।
• प्रावधान
: राजकीय विद्यालयों में कक्षा 1 से 8 तक के विद्यार्थियों को सप्ताह में दो दिन मंगलवार
व शुक्रवार को पाउडर से निर्मित दूध उपलब्ध करवाना। विद्यालय में अवकाश
होने
की स्थिति में अगले शैक्षणिक दिवस को दूध का वितरण किया जाएगा।
योजनान्तर्गत
दूध की मात्रा
क्र.
सं. कक्षा स्तर. पाउडर मिल्क की मात्रा (प्रतिछात्र) तैयार दूध की मात्रा (प्रति छात्र) चीनी की मात्रा
1. प्राथमिक (कक्षा 1 से 5) 15 ग्राम 150 ml.
8.4 ग्राम
2. उच्च प्राथमिक (कक्षा 6 से 8)
20 ग्राम 200 ml. 10.2 ग्राम
·
दूध पाउडर की खरीद राजस्थान कॉ-ऑपरेटिव डेयरी फैडरेशन (RCDF)
से की जाएगी तथा आयुक्तालय मिड-डे-मिल के माध्यम से जिलेवार दूध पाउडर का वितरण
किया जाएगा।
·
छात्र-छात्राओं को दूध उपलब्ध कराने का उत्तरदायित्व
विद्यालय प्रबंधन समिति (SMC) का होगा।
·
छात्र/छात्राओं को प्रार्थना सभा के तुरन्त बाद दूध उपलब्ध
करवाया जायेगा।
·
इस योजना का क्रियान्वयन प्रदेश स्तर पर आयुक्तालय मिड-डे-
मिल द्वारा किया जाएगा तथा जिलास्तर पर जिला कलेक्टर व ब्लाक स्तर पर CBEO योजना
के क्रियान्वयन हेतु उत्तरदायी होंगे।
3. बालिका
दूरस्थ शिक्षा योजना
• मुख्यमंत्री ने राज्य बजट
2022-23 में 'बालिका दूरस्थ शिक्षा योजना' लागू करने की घोषणा की थी।
बालिका
उच्च शिक्षा प्रोत्साहन तथा बालिकाओं व महिलाओं को दूरस्थ शिक्षा के माध्यम से
उच्च शिक्षा के लिए संस्थानों को दी गयी फीस के पुनर्भरण के उद्देश्य से राज्य में
'बालिका दूरस्थ शिक्षा योजना' लागू की गयी है।
इस
योजना के प्रमुख बिन्दु :
• ऐसी बालिकाएं और महिलाएं,
जो विभिन्न कारणों से नियमित रूप से महाविद्यालय और विश्वविद्यालय नहीं जा सकती हैं
उन्हें दूरस्थ माध्यम से उच्च शिक्षा से जोड़ा जाएगा।
इस
योजना के तहत प्रतिवर्ष कुल 36,300 लाभार्थियों को लाभान्वित किया जायेगा तथा इस
हेतु 14.83 करोड़ रूपये की स्वीकृति दी गयी है।
इस
योजना के अनुसार राज्य सरकार द्वारा अनुदानित विश्वविद्यालय, राज्य के राजकीय
संस्थान/वर्धमान महावीर खुला विश्वविद्यालय
(कोटा) के द्वारा दूरस्थ शिक्षा योजना के माध्यम से अध्ययन कराया जाएगा।
अध्ययन हेतु इन संस्थानों की फीस का पुनर्भरण राज्य सरकार द्वारा किया जायेगा।
4. मुख्यमंत्री
राजश्री योजना
प्रारम्भ: 1 जून, 2016
पुराना
नाम- मुख्यमंत्री शुभलक्ष्मी योजना
• उद्देश्य
(i) राज्य में बालिका जन्म के प्रति सकारात्मक वातावरण तैयार करते हुए
बालिका का समग्र विकास करना।
(ii) बालिकाओं के लालन-पालन, शिक्षण व स्वास्थ्य के मामले में होने वाले
लिंगभेद को रोकना एवं बालिकाओं का बेहतर शिक्षण व स्वास्थ्य सुनिश्चित करना।
(iii) संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देकर मातृ मृत्यु दर में कमी लाना।
(iv) बालिका शिशु मृत्यु दर में कमी लाना एवं घटते बाल लिंगानुपात को
सुधारना।
(v) बालिका का विद्यालयों में नामांकन एवं ठहराव सुनिश्चित करना।
(vi) बालका को समाज में समानता का अधिकार दिलाना। लाभ 1 जून 2016 या उसके बाद जन्म
लेने वाली बालिकाएं
लाभ की
पात्र है।
यदि
माता-पिता की ऐसी बालिका की मृत्यु हो जाती है जिसे एक या दो किश्तों का नाम दिया
जा चुका हो तो ऐसे माता- पिता की कुल जीवित संतानों में से मृत बालिका की संख्या
कम हो जायेगी तथा ऐसे माता-पिता के यदि एक बालिका और जन्म लेती है तो वह लाभ की
पात्र होगी। तीसरी एवं पश्चातवर्ती किश्तों का लाभ अधिकतम दो जीवित संतान तक ही
सीमित होगा।
प्रोत्साहन
राशि जन्म से 12वीं तक पढ़ाई हेतू 50,000 रूपये अभिभावक को स्वास्थय व देखभाल हेतु
6 किस्तों में दी जाएगी।
किस्त राशि
किस्त मिलने का समय
पहली 2500 रूपये बेटी के जन्म पर
दूसरी 2500 रूपये 1 वर्ष, सभी आवश्यक टीके लगाने पर
तीसरी 4000 रूपये राजकीय विद्यालय में पहली कक्षा में प्रवेश के बाद
चौथी. 5000 रूपये 6वीं कक्षा में प्रवेश पर
पांचवी 11000 रूपये. 10 वीं कक्षा उत्तीर्ण करने पर
छठी 25000 रूपये। 12 वीं कक्षा उत्तीर्ण करने पर
शेष
अन्य परिलाभ महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा तय प्रावधात अनुसार दिए जायेंगे ।
5. कालीबाई भील मेधावी छात्रा स्कूटी योजना
प्रारम्भ : 1 अप्रैल, 2020
[मेधावी
छात्रा स्कूटी योजना 2015 में प्रारंभ की गई जिसका नाम कालीबाई भील मेधावी छात्रा
स्कूटी योजना 2020 में किया गया।]
•
डूंगरपुर में शिक्षा की अलख जगाने के लिए 19 जून 1947 को अपने प्राणों का बलिदान
करने वाली कालीबाई वीर की स्मृति में कालीबाई भील मेधावी छात्रा स्कूटी योजना को
स्वीकृत कर प्रारम्भ की गई है।
नोडल विभाग : आयुक्त, कॉलेज शिक्षा विभाग
•
उद्देश्य : राजस्थान राज्य की मेधावी छात्राओं को राजकीय विद्यालयों में कक्षा
9वीं से कक्षा 12वीं तक नियमित छात्रा के रूप में प्रवेश लेकर अध्ययन करने हेतु
प्रेरित करना, माध्यमिक शिक्षा बोर्ड राजस्थान द्वारा आयोजित परीक्षा तथा
विश्वविद्यालय द्वारा आयोजित स्नातक डिग्री परीक्षा में अधिक से अधिक अंक लाने,
उनमें प्रतिस्पर्द्धा की भावना विकसित करने, उच्च अध्ययन हेतु आकर्षित करने एवं
उच्च शिक्षा हेतु वाहन सुविधा उपलब्ध कराना है।
पात्रता- इस योजना के अंतर्गत ऐसी छात्राएँ जो आर्थिक रूप से
पिछड़े सामान्य वर्ग से हैं और उनके माता-पिता/संरक्षक की सभी स्त्रोतों से
वार्षिक आय 2.50 लाख रु. से कम है और जिन्होंने माध्यमिक शिक्षा बोर्ड, राजस्थान
अजमेर की कक्षा 10वीं, 12वीं की विज्ञान, वाणिज्य, कला, प्रवेशिका एवं वरिष्ठ
उपाध्याय की परीक्षा में 85 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त किये हैं तथा राजस्थान
स्थित राजकीय महाविद्यालयों, राज्य वित्तपोषित विद्यालयों में स्नातक डिग्री प्रथम
वर्ष में प्रवेश लेकर नियमित अध्ययनरत हो, स्कूटी के लिए पात्र हैं।
नोट :-
जिस बालिका को कक्षा 10 में स्कूटी मिल चुकी है उसे
कक्षा
12 में 40,000 रूपये की वित्तीय सहायता दी जाएगी। योजना के अंतर्गत प्रदान की जाने
वाली कुल स्कूटी संख्या का वितरण :
कुल
स्कूटी. छात्राएँ
50%
स्कूटी माध्यमिक शिक्षा
बोर्ड के राजकीय स्कूलों में अध्ययनरत
25%
स्कूटी माध्यमिक शिक्षा
बोर्ड के निजी विद्यालयों में अध्ययनरत
25%
स्कूटी. सीबीएसई के
राजकीय या निजी विद्यालय में अध्ययनरत छात्राएँ
योजना के तहत चयन पात्र छात्राओं में से जिलेवार वरीयता
के आधार पर किया जावेगा।
नोट- बजट 2022-23 में कालीबाई भील एवं देवनारायण योजना
के अंतर्गत मेधावी छात्राओं को प्रतिवर्ष दी जाने वाली स्कूटी की संख्या 13 हजार
से बढ़ाकर 20 हजार करने की घोषणा की।
6. देवनारायण स्कूटी योजना
प्रारंभः 2011-12 में गुर्जर सहित 05 जातियों
(बंजारा, राईका रेबारी, गाड़िया-लोहार, गडरिया) की छात्राओं को स्कूटी वितरण हेतु
शुरू की गई।
पात्रता : • राजस्थान मूल की विशेष पिछड़ा वर्ग की
छात्राएँ जिन्होंने 12वीं के न्यूनतम 50 प्रतिशत अंक प्राप्त कर स्नातक प्रथम वर्ष
में नियमित अध्ययनरत हो तथा जिनके माता-पिता की वार्षिक आय 2.50 लाख रु. से कम हो।
• 2022-23
के बजट में 2463 स्कूटी वितरण का प्रावधान रखा गया।
• प्रतिवर्ष
1500 स्कूटी का वितरण किया जाता है।
• वित्तीय सहायता स्नातक स्तर 10,000 रु.
• स्नातकोत्तर स्तर 20,000 रु.
7. कृषि में अध्ययनरत छात्राओं के लिए प्रोत्साहन योजना
कृषि क्षेत्र की नवीनतम तकनीकों के अध्ययन तथा इस
क्षेत्र में महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए राज्य सरकार द्वारा कृषि क्षेत्र में
अध्ययनरत छात्राओं को छात्रवृति प्रदान की जा रही है।
पात्रता-
1. राजस्थान
की मूल निवासी।
2. राजस्थान
सरकार से मान्यता प्राप्त संस्थानों में अध्ययनरत छात्राएं ही पात्र होगी।
वित्तीय प्रावधान :-
• कक्षा 11वीं, 12वीं 5 हजार रुपये (वार्षिक)
• कृषि से जुड़े
विषयों में स्नातक व स्नातकोत्तर रुपये (वार्षिक) 12 हजार
• कृषि विषय
में पीएचडी करने वाली छात्राओं को 15 हजार रुपये वार्षिक (अधिकतम 3 वर्ष तक)
• आवेदन प्रक्रिया ई-मित्र या स्वयं की एसएसओ आईडी से तथा
'किसान साथी पोर्टल' पर जाकर आवेदन कर सकती है।
8. इंदिरा शक्ति फीस पुनर्भरण योजना
बजट
2022-23 में घोषित इस योजना के लिए आवेदन 1 नवम्बर 2022 से प्रारम्भ किये गये।
• राज्य सरकार प्रदेश की बालिकाओं की
निजी विद्यालयों में कक्षा 9 से 12 तक पढ़ाई जारी रखने के लिए फीस पुनर्भरण की
योजना लाई है। इस फीस का पुनर्भरण 'इंदिरा महिला शक्ति निधि' से किया जाएगा।
• आरटीई अधिनियम के तहत् विद्यालयों को
कक्षा 1 से 8 तक की कक्षाओं में 25 प्रतिशत सीटों पर आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों
के बच्चों (आयु वर्ग 6-14 वर्ष) को निःशुल्क अध्ययन करवाना होगा परन्तु 8वीं कक्षा
के बाद ऐसा कोई प्रावधान नहीं है। अतः राज्य सरकार द्वारा 8वीं कक्षा के बाद
बालिकाओं की पढ़ाई जारी रखने के उद्देश्य से इस योजना को शुरू किया गया है।
• शैक्षिक सत्र के प्रारम्भ से लगातार 4
माह अध्ययनरत रहने पर प्रथम किस्त तथा सत्र पर्यंत अध्ययनरत रहने पर द्वितीय किस्त
का भुगतान किया जाएगा।
• राजस्थान ऐसा प्रावधान करने वाला पहला
राज्य बना है।
• बालिका के परिवार के जनआधार से जुड़े
खाते में फीस पुनर्भरण राशि का भुगतान हो सकेगा।
9. अधिस्वीकृत
पत्रकारों के बच्चों को स्कॉलरशिप
प्रारंभः 15 सिंतबर 2022
• राज्य
सरकार प्रदेश में अधिस्वीकृत पत्रकारों के बच्चों को प्री- मैट्रिक एवं
पोस्ट-मैट्रिक स्कॉलरशिप देगी।
•
छात्रवृति का भुगतान राजस्थान पत्रकार एवं साहित्यकार कल्याण कोष से किया जाएगा।
•
प्री-मैट्रिक छात्रवृत्ति कक्षा 6-10 के पात्र विद्यार्थियों को 1000 रूपये (1
वर्ष में अधिकतम 10 माह तक प्रतिमाह 100 रूपये) दिये जायेंगे।
• पोस्ट-मैट्रिक छात्रवृत्ति :-
वर्ग हॉस्टलर छात्रवृत्ति डे स्कॉलर्स
1. स्नातक एवं
स्नातकोत्तर स्तर के प्रोफेशनल डिग्री कोर्सेज 13500 रूपये. 7000 रूपये
2 .अन्य
प्रोफेशनल कोर्स
9500 रूपये
6500 रूपये
3. अन्य स्नातक या स्नातकोत्तर कोर्स 6000 रूपये 3000 रूपये
4. 10वीं कक्षा के बाद नॉन- डिग्री कोर्स 4000 रूपये 2500 रूपये
10. अब्दुल कलाम व्यक्तित्व विकास योजना
बजट घोषणा 2022-23 के तहत् यह योजना लागू की गई है।
• उद्देश्यः
अन्य राज्यों के परिचयात्मक भ्रमण द्वारा बालकों का व्यक्तित्व विकास करना।
विभाग : शिक्षा विभाग, राजस्थान
प्रावधान : दो हजार विद्यार्थियों को 10 दिन का
दूसरे राज्यों का निःशुल्क भ्रमण करवाया जाना, यह भ्रमण नवम्बर में किया गया।
विद्यार्थियों का चयन : इस योजना के अन्तर्गत 1330
विद्यार्थियों का चयन अकादमिक स्तर पर व 670 विद्यार्थियों का चयन विभिन्न
सांस्कृतिक प्रतियोगिताओं के आधार पर किया जाएगा।
अकादमिक स्तर पर चयन निम्न प्रकार होगा :
8वीं बोर्ड
में जिला स्तर पर टॉप 20 विद्यार्थी जो कक्षा 9वीं
में
अध्ययनरत हो।
राजकीय विद्यालयों में कक्षा 10 की बोर्ड परीक्षा में
जिले में टाप-20 विद्यार्थियों का चयन किया जाएगा जो कक्षा-11 में अध्ययनरत है।
विवेकानन्द राजकीय मॉडल स्कूलों में कक्षा 10 में
उत्तीर्ण राज्य के टॉप-10 विद्यार्थी जो कक्षा 11 में अध्ययनरत हो।
11. राजीव गाँधी स्कॉलरशिप फॉर एकेडमिक एक्सीलेंस योजना-2021
विदेश के प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थानों में अध्ययनरत
छात्रों को छात्रवृत्ति प्रदान करने हेतु राज्य सरकार द्वारा राजीव गांधी
स्कॉलरशिप फॉर एकेडमिक एक्सीलेंस योजना चलाई जा रही है।
इस योजना के अन्तर्गत QS World रैंकिंग में शामिल शीर्ष
150 शिक्षण संस्थानों में अध्ययनरत छात्रों को छात्रवृति प्रदान की जा रही है।
नोडल विभाग : उच्च शिक्षा विभाग, राजस्थान
सरकार
इस योजना के अन्तर्गत प्रति वर्ष 200 विद्यार्थियों को
लाभ प्रदान किया जाता है, इनमें से 30 फीसदी महिला विद्यार्थियों के लिए आरक्षित
है।
इस योजना का लाभ केवल राजस्थान के मूल निवासी
विद्यार्थियों को ही प्रदान किया जा रहा है।
इस योजना के लाभ में 8 लाख से कम पारिवारिक आय वाले
विद्यार्थियों को प्राथमिकता दी जाऐगी, राज्य सरकार ने जून 2022 में योजना के
लाभार्थियों हेतु नवीन आदेश जारी किए हैं जो निम्न है
परिवार की आय (वार्षिक) प्रावधान
• 8 लाख से
कम (श्रेणी E-1) ट्यूसन फीस +
अतिरिक्त खर्चों का 100% वहन (अधिकतम 12 लाख वार्षिक) किया जाएगा।
• 8 लाख से
25 लाख (श्रेणी E-2) ट्यूसन फीस +
अतिरिक्त खर्चों का 50 फीसदी वहन (अधिकतम 10 लाख तक) किया जाएगा।
• 25 लाख से
अधिक (श्रेणी E-3) 25 लाख से अधिक पारिवारिक
आय वाले विद्यार्थियों को केवल ट्यूसन फीस देय होगी।
12. राजस्थान अम्बेडकर डीबीटी (डायरेक्ट बेनीफिट ट्रांसफर)
वाउचर योजना
प्रारम्भ- बजट 2021-22 की अनुपालना में मई 2021 में
।
उद्देश्य - प्रदेश के सरकारी कॉलेजों में पढ़ाई कर
रहे आरक्षित वर्ग के छात्रों को आवासीय सुविधा के लिए वाउचर प्रदान
करना।
कार्यान्वयन - सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता
विभाग द्वारा।
पात्रता- इसमें राजस्थान के मूलनिवासी वे छात्र
पात्र होंगे, जिनके अभिभावकों की वार्षिक आय क्रमशः SC, ST, MBC के लिए 2.5 लाख
रूपये, OBC के लिए 1.5 लाख रूपये व EWS के लिए 1 लाख रूपये से अधिक न हो।
वह छात्र जिसने गत वर्ष न्यूनतम 75% अंक हासिल किये है
वही छात्र इस योजना का लाभ ले सकेगा ।
इस योजना के अंतर्गत विभिन्न वर्गों के 5500 छात्रों को
लाभान्वित किया जा रहा है जो निम्नानुसार है-
वर्ग छात्रों की
संख्या
1. अनुसूचित
जाति 1500
2. अनुसूचित
जनजाति. 1500
3. अन्य पिछड़ा
वर्ग 750
4. अति पिछड़ा
वर्ग 750
5. आर्थिक पिछड़ा
वर्ग 500
6. अल्पसंख्यक
वर्ग 500
इस योजना के अंतर्गत जिला मुख्यालयों पर संचालित समस्त
स्नातक व स्नातकोत्तर (केवल शैक्षणिक पाठ्यक्रमों कला, विज्ञान एवं वाणिज्य संकाय
हेतु) राजकीय महाविद्यालयों में अध्ययनरत छात्र जो घर से दूर रहते हैं, को 2000
रु. प्रतिमाह (वर्ष में अधिकतम 10 माह हेतु) देय है।
13. विधवा/परित्यक्ता महिलाओं के लिए मुख्यमंत्री सम्बल
योजना
योजना का प्रारम्भ: शैक्षणिक सत्र 2015-16 में
योजना का उद्देश्य- राजस्थान राज्य में स्थित निजी
शिक्षक प्रशिक्षण संस्थाओं में बी.एड. पाठ्यक्रम में प्रवेश करने वाली
विधवा/परित्यक्ता महिलाओं द्वारा इस पाठ्यक्रम हेतु देय फीस का पुनर्भरण (17880
रु.) राज्य सरकार द्वारा किया जाकर इन्हें संबल प्रदान किया जा रहा है।
इस योजना के लाभ: आवेदक छात्राध्यापिका की 75 प्रतिशत उपस्थिति
अनिवार्य है।
14. मुख्यमंत्री शिक्षा अलंकार पुरस्कार योजना
प्रारम्भ: 2022-23
पात्र - राजकीय विद्यालयों में अध्ययनरत
आर्थिक कमजोर वर्ग के विद्यार्थी जो कक्षा 10वीं (10 लड़के व 10 लड़कियाँ) व 12वीं
(प्रत्येक संकाय में 6 लड़के व 6 लड़कियाँ) में सर्वाधिक अंक प्राप्त करते हैं।
लाभ: 50000 रु.
15. राज्य प्रतिभा खोज परीक्षा (एसटीएसई)
योजना का प्रारम्भ : 2014 15
योजना के प्रकार
1.
राज्य प्रतिभा खोज परीक्षा (50 विद्यार्थियों का चयन)
2. गणित
व विज्ञान राज्य प्रतिभा खोज परीक्षा (50 विद्यार्थियों का चयन)
3. कला
एवं वाणिज्य राज्य प्रतिभा खोज परीक्षा (50 विद्यार्थियों का चयन)
आयोजन - राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड अजमेर द्वारा किया जाता
है।
पात्रता : 1. राज्य के
समस्त राजकीय, निजी (मान्यता प्राप्त) स्वामी विवेकानन्द मॉडल विद्यालयों की कक्षा
10 व 12 में अध्ययनरत वे विद्यार्थी जिन्होंने कक्षा 9 से 11 में न्यूनतम 50% अंक
प्राप्त किए हों, राज्य प्रतिभा खोज परीक्षा में आवेदन के लिए पात्र हैं।
2.
परीक्षा में चयनित विद्यार्थी योजनान्तर्गत लाभ के पात्र हैं।
लाभ : राजस्थान सरकार के समस्त विद्यालयों से प्रथम 50- 50
स्थानों पर न्यूनतम 80 प्रतिशत अंक संचालित प्राप्त करने पर कक्षा 11 व 12 के लिए
रुपये 1250 प्रतिमाह एवं स्नातक / स्नातकोत्तर के लिए रुपये 2000 प्रतिमाह (1 वर्ष
में अधिकतम 10 माह) देय हैं।
एकमुश्त
प्रोत्साहन राशि के रूप में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले को 4000 रुपये तथा शेष
को 19 को 2000 रुपये दिये जाते है।
16. विमुक्त घूमन्तु एवं अर्द्धघूमन्तु समुदाय के विद्यार्थियों
को निःशुल्क साईकिल वितरण
प्रारम्भ- 2 फरवरी, 2022
•
विमुक्त घूमन्तु एवं अर्द्धघूमन्तु समुदाय के कक्षा 6 से 11 तक अध्ययनरत राजकीय
एवं निजी शिक्षण संस्थाओं के विद्यार्थियों को निःशुल्क साईकिल वितरण की जावेगी।
पात्रता- 1. 32 जातियों के विद्यार्थी (विमुक्त जातियाँ
१ घूमन्तु एवं अर्द्धघूमन्तु जातियाँ-10 एवं अर्द्धघूमन्तु जातियाँ-13)
2.
कक्षा 6 से 11 तक में अध्ययनरत राजकीय एवं निजी शिक्षण संस्थान के विद्यार्थी (50
प्रतिशत छात्र एवं 50 प्रतिशत छात्राएँ)
3.
प्रत्येक कक्षा में 60 प्रतिशत या उससे अधिक अंक प्राप्त करने वाले विद्यार्थी
पात्र होंगे।
4. कुल
आवेदित विद्यार्थियों में से न्यून से अधिक आय की ओर बढ़ते हुए क्रम में मेरिट का
निर्धारण किया जायेगा।
17. ट्रांसपोर्ट वाउचर योजना
यह योजना R.T.E. Act. 2009 की अनुपालना में लागू की गई
अर्थात् राजस्थान R.T.E. नियम 2011 की नियम 7(4) की अनुपालना में निःशुल्क परिवहन
उपलब्ध करवाया जायेगा।
• इस योजना
का संचालन राजस्थान स्कूल शिक्षा परिषद् जयपुर द्वारा संचालित की जा रही है।
लाभ मिलेगा-
• कक्षा 1 से 5 तक के 1 किमी से अधिक दूरी से आने वाले
बच्चे।
• कक्षा 6 से 8 तक के ग्रामीण क्षेत्र से 2 किमी से अधिक
से आने वाले बच्चें।
• ग्रामीण क्षेत्रों की कक्षा 9 से 12 तक की 5 किमी से
अधिक दूरी से आने वाली बालिकाएं जो साइकिल योजना से लाभान्वित नहीं है उन्हें इस
योजना का लाभ दिया जाएगा।
• ग्रामीण क्षेत्र के राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालयों में
वांछित संकाय/विषय उपलब्ध न होने पर निकटवर्ती शहरी क्षेत्र के विद्यालयों में
अध्ययनरत् कक्षा 11 से 12 की बालिकाओं को ट्रांसपोर्ट वाउचर योजना का लाभ दिया
जाएगा।
कक्षा विद्यालय का
प्रकार विद्यालय की दूरी श्रेणी दर प्रति उपस्थिति वर्ष में
प्रति विद्यार्थी
1 से 5 राजकीय
विद्यालय 1 किमी. से अधिक बालक/बालिका. 10 रु. 3000 रु. वार्षिक
6 से 8 रा.वि./स्वा.वि.मॉ. 2 किमी. से अधिक बालक/बालिका 15 रु. 3000 रु. वार्षिक
9 से 10 रा.वि./स्वा.वि.मॉ. 5 किमी. से अधिक. बालिका। 20 रु.
540 रु. प्रतिमाह
11 से 12 रा.वि./स्वा.वि.मॉ. 5 किमी. से अधिक बालिका. 20 रु. 540 रु. प्रतिमाह
18. खेल रत्न एवं कला रत्न पुरस्कार योजना
प्रारम्भ - 2017-18
आयोजन - राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड, अजमेर
पात्रता - माध्यमिक एवं उच्च माध्यमिक कक्षाओं में
अध्ययनरत विद्यार्थी
लाभ - कला रत्न पुरस्कार एक विद्यार्थी को एक
मुश्त 51000 रुपये देय। खेल रत्न पुरस्कार एक विद्यार्थी को एक मुश्त 51000 रुपये
देय।
19. विद्यार्थी सुरक्षा दुर्घटना बीमा योजना
कौनसे विद्यालयों में लागू: • राज्य के
अनुदानित एवं गैर अनुदानित विद्यालयों
• राजकीय/निजी महाविद्यालयों, विश्व विद्यालयों एवं अन्य
शिक्षण संस्थान
• कस्तुस्बा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय
• मेवात बालिका आवासीय विद्यालयों
• वैकल्पिक शिक्षा प्रकोष्ठ के आवासीय विद्यालय
इस योजना में किसी छात्र की दुर्घटना में मृत्यु अथवा
शारीरिक क्षतियों की दशा में विद्यार्थियों के माता/पिता/संरक्षक/पति/पत्नी (वैध
मनोनीत) को बीमा आवरण उपलब्ध कराने के लिए राजस्थान सरकार के राज्य बीमा एवं
प्रावधायी निधि विभाग (साधारण बीमा निधि) द्वारा वर्ष 2002-03 से विद्यार्थी
सुरक्षा दुर्घटना बीमा योजना संचालित की जा रही है।
इस योजना के अन्तर्गत निम्न श्रेणियों प्रचलित है-
क्र.स. बीमित ग्रुप प्रीमियम प्रति छात्र (कर सहित) बीमा धन (रु.)
1. कक्षा नर्सरी से आठवीं तक 25/- रु. 50,000
2. कक्षा 9 से
12वीं तक 50/- रु.
1,00,000
3. समस्त राजकीय एवं 100/- रु.
2,00,000
निजी
महाविद्यालय,
विश्वविद्यालय
तकनीकी एवं उच्च शिक्षा नोट - 2022-23
से कोई शुल्क नहीं लिया जाता।
20. राजस्थान एकल या द्वि पुत्री योजना
प्रारम्भ: 2012
बालिका शिक्षा को प्रोत्साहन देने तथा महिला सशक्तीकरण
को बढ़ावा देने के लिए यह योजना 2012 से प्रारंभ की गई।
पात्रता : बोर्ड परीक्षा (माध्यमिक, माध्यमिक
व्यावसायिक, प्रवेशिका, उच्च माध्यमिक कला, विज्ञान, वाणिज्य, उच्च माध्यमिक
व्यावसायिक, वरिष्ठ उपाध्याय) की ऐसी समस्त प्रतिभाशाली बालिकाएं जिन्होंने राज्य
स्तर और जिला स्तर पर निश्चित स्थान तक निर्धारित कटऑफ अंक से अधिक अंक प्राप्त
किए हैं और जो अपने परिवार की एकमात्र संतान या परिवार में दो संतानें हैं और
दोनों ही पुत्रियां हैं या तीन पुत्रियां हैं जिनमें से एक पुत्री के बाद दो
जुड़वां पुत्रियां हैं, पुरस्कार हेतु आवेदन की पात्र हैं।
जिला स्तर पर पुरस्कार राशि: 11000/-
(प्रत्येक जिले की कट ऑफ के अनुसार)
राज्य स्तर पर पुरस्कार राशि: दसवीं बोर्ड
में 31000/- तथा बारहवीं बोर्ड में 51000/- (प्रत्येक संकाय में अलग-अलग राशि दी
जाती है)
विद्यार्थियों की सृजनात्मक प्रतियोगिताओं का आयोजन
राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड द्वारा मान्यता प्राप्त
विद्यालयों में कक्षा 9 से 12 तक अध्ययनरत विद्यार्थियों के लिए बौद्धिक एवं
सृजनात्मक कौशल अभिवृद्धि हेतु सर्जनात्मक प्रतियोगी परीक्षाओं का आयोजन किया जाता
है।
इसमें पांच प्रकार की परीक्षाओं का आयोजन किया जाता है
जैसे- 1.
निबंध प्रतियोगिता
2. आशुभाषण
प्रतियोगिता 3. प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता। 4. चित्रकला प्रतियोगिता 5. एकल गीत प्रतियोगिता
• यह प्रतियोगी परीक्षा तीन स्तरों ब्लॉक स्तर, जिला स्तर व
राज्य स्तर पर आयोजित की जाती है।
पुरस्कार राशि व प्रमाण पत्र : खंड/ब्लॉक स्तर : प्रथम व द्वितीय
स्थान प्राप्त करने वाले बच्चों का चयन कर जिला स्तर पर भेजा जाता है।
जिला
स्तर : जिला स्तर पर प्रथम, द्वितीय व तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले बच्चों को
प्रमाण पत्र व क्रमशः रूपये 1500 रूपये, 1000 व रूपये 500 दिए जाते हैं।
राजस्थान
राज्य स्तर इस स्तर पर प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्तकर्ताओं को प्रमाण
पत्र एवं क्रमशः रूपये 2500 रूपये, 2000 तथा रूपये 1500 का नगद पुरस्कार दिया जाता
है।
21. निःशुल्क पाठ्यपुस्तक वितरण योजना
राजस्थान
पाठ्य पुस्तक मण्डल, जयपुर (The Rajasthan Text Book Board) - निःशुल्क
पाठ्यपुस्तके print करवाकर ब्लॉक नोडल विद्यालय पर उपलब्ध करवाना।
पात्र: • कक्षा 1 से 12
तक के राजकीय विद्यालयों में अध्ययनरत समस्त विद्यार्थी
कक्षा 9
से 12 तक के वे विद्यार्थी जिनके माता-पिता आयकरदाता नहीं है।
स्वामी
विवेकानन्द मॉडल स्कूलों में कक्षा 6 से 12 तक के अध्ययनरत समस्त विद्यार्थियों
को।
22. राजस्थान निःशुल्क यूनिफॉर्म वितरण योजना
प्रारंभः 29 नवंबर 2022 (बजट घोषणा 2021-22)
प्रावधान: कक्षा 1 से 8 के राजकीय विद्यालय के विद्यार्थियों को
लाभ: निःशुल्क यूनिफॉर्म के दो सेट तथा सिलाई के लिए DBT के माध्यम से 200 रूपये जमा किए जायेंगे।
•
अनुमानित व्ययः 500 करोड़ रु.
23. स्वास्थ्य शिक्षा कार्यक्रम
इस
कार्यक्रम के अन्तर्गत राजकीय एवं गैर राजकीय प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक विद्यालयों
में अध्ययनरत् छात्र-छात्राओं का स्वास्थ्य परीक्षण चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार
कल्याण विभाग के समन्वय से करवाया जाता है।
• राज्य
में संयुक्त राष्ट्र बाल शिक्षा कोष (युनिसेफ) द्वारा किशोरी बालिकाओं (10-19 आयु
वर्ग) के एनिमिया नियंत्रण के लिए अलग से एक कार्यक्रम संचालित है।
24. मीरा / एकलव्य प्रोत्साहन योजना
संचालन - राजस्थान स्टेट ऑपन स्कूल, जयपुर द्वारा
पात्र- राजस्थान स्टेट ऑपन से कक्षा 10वीं या 12वीं
में राज्य, जिला, खण्ड स्तर पर सर्वाधिक अंक प्राप्त करने वाले दो-दो
विद्यार्थीयों को।
लाभ - कक्षा 10वीं या 12वीं में राज्य स्तर पर प्रथम
स्थान प्राप्तकर्ता को 21000/- रुपये तथा द्वितीय स्थान प्राप्तकर्ता को 11000/-
रुपये
खण्ड़ स्तर पर प्रथम स्थान प्राप्तकर्ता को 5100/- रुपये तथा द्वितीय स्थान प्राप्तकर्ता
को 3100/- रुपये
जिला स्तर पर प्रथम स्थान प्राप्तकर्ता को 11000/- रुपये
तथा द्वितीय स्थान प्राप्तकर्ता को 5100/- रुपये
25. मीना-राजू मंच एवं गार्गी मंच
•
मीना-राजू मंच: कक्षा 6 से 8 तक की बालिकाएं
• गार्गी मंच: कक्षा 9 से 12 तक की
बालिकाएं
कार्य :
सामाजिक
मुद्दों जैसे - दहेज प्रथा, बाल विवाह, शिक्षा का अधिकार, लैंगिक समानता आदि पर
अभिभावकों में जागरूकता लाना।
बालिकाओं
को स्कूल भेजने के लिए प्रेरित करना।
26. अध्यापिका मंच
•
उद्देश्य - विद्यालयों में बालिकाओं के शैक्षणिक स्तर को बढ़ाने व विद्यालयों में
छात्राओं के लिए मित्रवत् वातावरण स्थापित करने के लिए
अध्यापिका मंच का गठन किया गया है।
• इसमें अधिकतम 100 अध्यापिकाएं सदस्य हो
सकती है।
• राजस्थान में ब्लॉक स्तर पर 358
अध्यापिका मंचो का गठन किया गया है।
• ब्लॉक स्तर पर प्रत्येक राजकीय
विद्यालयों से ऑनलाइन आमुखीकरण किया जा रहा है।
27. राजस्थान के पूर्व सैनिकों की प्रतिभावान पुत्रियों को देय
छात्रवृत्ति योजनाएं
प्रारम्भ - राजस्थान के भूतपूर्व सैनिकों के कल्याण के लिए एवं
राज्य में महिला शिक्षा को प्रात्साहन देने हेतु राज्य सरकार द्वारा यह योजना वर्ष
2001-02 से प्रारम्भ हो गई है।
लाभान्वित वर्ग-भूतपूर्व सैनिकों की कक्षा 11 व 12 में
अध्ययनरत छात्राएं।
पात्रता:
(1)
छात्रा के माता-पिता आयकरदाता नहीं हो।
(2)
छात्रा को इसके अलावा अन्य किसी प्रकार की छात्रवृत्ति देय नहीं है।
(3)
नियमित रूप से अध्ययनरत छात्राओं की वह छात्रवृत्ति देय है जिसमें सरकारी विद्यालय
और गैर सरकारी मान्यता प्राप्त विद्यालयों की छात्राएं पात्र है।
(4) गत
कक्षा में 55 प्रतिशत या इससे अधिक अंकों से उत्तीर्ण होना आवश्यक है।
देय सुविधाएँ - 1,000 रुपये प्रति छात्रा प्रति वर्ष
28. बाल सभा
प्रारम्भ: 9 फरवरी, 2019
बाल सभा
लम्बे समय से शिक्षा विभाग की एक नियमित गतिविधि है।
योजना
को जयपुर जिलें में पायलट बेस पर जनवरी, 2019 में शुरू किया गया। इसकी सफलता के
बाद, राजस्थान के सभी जिलों में इसे 9 फरवरी, 2019 से शुरू किया गया है।
• उद्देश्य
- शिक्षा की गुणवता में सुधार और शिक्षा तथा स्कूलों की अन्य गतिविधियों में
समुदाय की भागीदारी सुनिश्चित करना।
29. आनन्दम पाठ्यक्रम
महात्मा
गांधी की 150 वीं जयंती वर्ष में उनके न्यासिता के सिद्धांत से प्रेरित होकर सत्र
2020-21 से एक अनिवार्य पाठ्यक्रम 'आनन्दम' शुरू किया गया है।
• इसका
उद्देश्य युवाओं को यह सिखाना कि समाज सेवा से आनन्द कैसे प्राप्त किया जाए।
इस तरह
की अनूठी पहल करने वाला राजस्थान देश का पहला राज्य है।
30. सक्षम योजना
रानी
लक्ष्मी बाई आत्मरक्षा प्रशिक्षण 'सक्षम' (लड़कियों के लिए आत्म-रक्षात्मक
प्रशिक्षण) योजना, बालिकाओं के नामांकन, ठहराव एवं सीखने की प्रवृति में वृद्धि
करने हेतु लागू की जा रही है।
31. शैक्षणिक
किशोरी मेला
विज्ञान
और गणित पर विशेष ध्यान देने के लिए बच्चों में शैक्षणिक वातावरण का निर्माण करने
एवं रचनात्मक शिक्षण दृष्टिकोण विकसित करने के लिए पीईईओ, ब्लॉक, जिला और राज्य
स्तर पर शैक्षणिक
किशोरी मेला का आयोजन किया गया। प्रत्येक मेले में गणित और
विज्ञान पर आधारित विभिन्न खेलों के शैक्षणिक स्टॉल लगाये गये।
11 अक्टूबर
2021 को सभी जिलों में अंतर्राष्ट्रीय बालिका दिवस का आयोजन किया गया। 'मेरी बेटी मेरा
सम्मान कार्यक्रम' के तहत् राज्य भर में शैक्षणिक, गैर शैक्षणिक, कोविड जागरूकता।
32. STAR कार्यक्रम
STAR- Set
to Augment Result
जनवरी 2022 से मार्च 2022 तक बैक टू स्कूल कार्यक्रम के
तहत कक्षा 1 से 8 के लिए उपचारात्मक शिक्षण करवाया गया। जिससे कोविड के समय
उत्पन्न गैप को दूर किया गया।
33. इंदिरा प्रियदर्शिनी स्वर्णिम उड़ान योजना
सत्र 2020-21 से राज्य के 10 राजकीय कन्या महाविद्यालयों
(भरतपुर, बीकानेर, उदयपुर, अजमेर, बारां, अलवर, कोटा, बाड़मेर, भीलवाड़ा,
चित्तौड़) में प्रारंभ
इसके माध्यम से छात्राओं को रोजगारोन्मुख कौशल एवं सूचना
प्रौद्योगिकी आधारित प्रशिक्षण, संवाद कौशल एवं विभिन्न राजकीय योजनाओं के बारे
में जानकारी दी जाती है।
34. बालिका शिक्षा फाउण्डेशन
स्थापना: 30 मार्च, 1995
मुख्यालय - जयपुर
उद्देश्य: बालिका शिक्षा को बढ़ावा देना।
फाउण्डेशन के पदेन अध्यक्ष: मुख्यमंत्री उपाध्यक्ष शिक्षा मंत्री
इस फाउण्डेशन के माध्यम से आर्थिक दृष्टि से निर्धन
परिवारों की प्रतिभावन बालिकाओं को उच्च एवं तकनीकी शिक्षा हेतु आर्थिक सहायता
प्रदान की जाती है।
इस फाउण्डेशन के कोष में जमा राशि से मिलने वाले ब्याज
से निम्न योजनाओं का संचालन किया जाता है।
1. गार्गी पुरस्कार
2. बालिका प्रोत्साहन
योजना
3. इंदिरा प्रियदर्शिनी
पुरस्कार
4. शारीरिक
अक्षमता आर्थिक संबलता पुरस्कार
5. मूक बधिर
एवं नेत्रहीन आर्थिक संबलता पुरस्कार
6. आपकी बेटी
योजना एवं
8. विदेश में स्नातक स्तर की शिक्षा सुविधा योजना
35. गार्गी पुरस्कार
प्रारंभ: 1998 में शुरू
इसके अन्तर्गत माध्यमिक शिक्षा बोर्ड राजस्थान द्वारा आयोजित माध्यमिक
व प्रवेशिका परीक्षा में 75% या इससे अधिक अंक प्राप्त करने वाली तथा स्वामी विवेकानन्द
राजकीय मॉडल स्कूल की कक्षा 10वीं की परीक्षा में 8 से 10 सीजीपीए प्राप्त करने वाली
बालिकाओं को कक्षा 11 से 12 में नियमित अध्ययन करने पर 3000रु. प्रति वर्ष व एक प्रशस्ति
पत्र प्रदान किया जाता है।
प्रत्येक जिला मुख्यालय एवं पंचायत समिति स्तर पर प्रति वर्ष बसंत पंचमी
के अवसर पर समारोह आयोजित इन पुरस्कारों का वितरण किया जाता है।
36. बालिका प्रोत्साहन योजना
प्रारम्भ- 2008-09
इस योजनान्तर्गत माध्यमिक शिक्षा बोर्ड द्वारा आयोजित उच्च माध्यमिक
(कक्षा 12) कला, विज्ञान, वाणिज्य एवं वरिष्ठ उपाध्याय परीक्षा में 75 प्रतिशत एवं
इससे अधिक अंक प्राप्त करने वाली बालिकाओं को शामिल किया गया।
जिला मुख्यालय एवं पंचायत समिति स्तर पर प्रतिवर्ष बसंत पंचमी को समारोह
आयोजित कर एक मुश्त राशि 5000 रु. एवं प्रमाण पत्र देकर पुरस्कृत किया जाता है।
37. इन्दिरा प्रियदर्शिनी पुरस्कार)
प्रारंभ: वर्ष 2010-11
• उद्देश्य - बालिका शिक्षा को बढ़ावा देना।
• पूर्ववर्ती सरकार ने इस योजना का नाम बदलकर 'पद्माक्षी' कर दिया था।
वर्तमान सरकार ने 2019 में पुनः इंदिरा प्रियदर्शिनी कर दिया।
इस योजना के तहत माध्यमिक शिक्षा बोर्ड राजस्थान द्वारा आयोजित माध्यमिक
(10वीं) व उच्च माध्यमिक (12वीं विज्ञान, कला, वाणिज्य) परीक्षा तथा प्रारंभिक शिक्षा
विभाग, बीकानेर द्वारा आयोजित कक्षा-8 की परीक्षाओं में निम्न वर्गों में जिला स्तर
पर प्रथम स्थान प्राप्त करने वाली बालिकाओं को प्रदान किया जाता है।
1. अनुसूचित
जाति 2. अनुसूचित जनजाति. 3. अन्य पिछड़ा वर्ग 4. विशेष पिछड़ा वर्ग 5. BPL 6. निशक्त जन.
7. अल्पसंख्यक. 8. सामान्य वर्ग
कक्षा पुरस्कार
राशि
8 वीं. 40,000रु.
10 वीं 75,000रु.
12 वीं 1 लाख रु. एवं स्कूटी
• ये पुरस्कार
19 नवम्बर, इंदिरा गांधी के जन्म दिवस के अवसर पर दिए जाते है।
• राज्य स्तर पर संस्कृत शिक्षा में भी दिया जाता है।
38. शारीरिक अक्षमता युक्त बालिकाओं हेतु आर्थिक संबलता
पुरस्कार योजना
प्रारंभ: वर्ष 2004-05
इस योजनान्तर्गत राजकीय विद्यालयों में कक्षा 9 से 12
में अध्ययनरत बालिकाएँ जो कि शारीरिक रूप से दिव्यांग है।
उन्हें 2000 रु. की आर्थिक सहायता प्रतिवर्ष दी जाती है।
39. मूक बधिर एवं नेत्रहीन बालिकाओं हेतु आर्थिक संबलता
पुरस्कार योजना
• प्रारंभ: वर्ष 2005-06
इस योजनान्तर्गत राज्य सरकार द्वारा संचालित मूक बधिर
एवं नेत्रहीन विद्यालयों में अध्ययनरत बालिकाओं को शामिल किया गया।
प्रतिवर्ष रु. 2000 की आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाती
है।
40. आपकी बेटी योजना
प्रारंभ: 2004-05
राजकीय विद्यालय में 1 से 12 तक पढ़ने वाली गरीबी रेखा
से नीचे जीवन यापन करने वाले परिवारों की ऐसी बालिकाएं जिनके माता-पिता में से
दोनों अथवा एक का निधन हो गया हो, उन्हें आर्थिक सहायता दी जाती है।
कक्षा सहायता राशि
1 से 8 तक 2100रु/साल
9 से 12 तक. 2500रु/साल
41. मुख्यमंत्री
हमारी बेटियाँ योजना
प्रारंभ - 2015-16
• इस योजना के तहत राजकीय
विद्यालय की 10वीं कक्षा की जिलें में प्रथम व द्वितीय स्थान पर आने वाली दो बालिकाओं
को उच्च शिक्षा के लिए आर्थिक सहायता दी जायेगी। वर्ष 2018- 19 में सरकार ने इसमें
प्रत्येक जिले से एक अनाथ तथा एक BPL वर्ग की बालिका को भी शामिल कर लिया।
इस
प्रकार यह पुरस्कार प्रतिवर्ष 132 बालिकाओं को दिया जाता है।
कक्षा पाठ्यपुस्तक खर्च सहायता छात्रावास/कोचिंग हेतु सहायता
11 व 12 15,000रु./वर्ष 1 लाख वर्ष
स्नातक
एवं स्नातकोतर. 25,000 रु/वर्ष. 2 लाख वर्ष
42. विदेश
में स्नातक स्तर की शिक्षा सुविधा योजना
• प्रारम्भ वर्ष 2010-11
योजनांतर्गत
राजकीय विद्यालयों में अध्ययनरत राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की कक्षा 10वी की
मेरिट में प्रथम तीन स्थान प्राप्त करने वाली बालिकाओं को विदेश में स्नातक शिक्षा
प्राप्त करने का अवसर प्रदान किया जाता है। अध्ययन का संपूर्ण व्यय बालिका शिक्षा
फाउंडेशन द्वारा वहन किया जाता है। वर्ष 2017-18 में दो बालिकाओं को विदेश अध्ययन
हेतु भेजा गया है। योजनांतर्गत चयनित बालिकाओं के अभिभावकों द्वारा नॉन ज्यूडिशियल
स्टाम्प पेपर पर सहमति देने के उपरांत राशि उपलब्ध कराई जाती है।
• कक्षा 11 व 12 के पश्चात्
विदेश में स्नातक के अध्ययन हेतु प्रतिवर्ष अधिकतम रु. 25 लाख बालिका शिक्षा फाउंडेशन
द्वारा प्रदत्त ।
नोट-
राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020, राजस्थान में संचालित विभिन्न विद्यालय एवं कुछ अन्य
योजनाएँ आगामी माइनर टेस्ट-06 के साथ दी जायेगी।
43. महात्मा गांधी अंग्रेजी माध्यम स्कूल
नोडल: माध्यमिक शिक्षा विभाग
योजना प्रारम्भ : 19-06-2019
वित्त
पोषित : राज्य
योजना
का प्रकार : व्यक्तिगत
राज्यों
में सरकारी छात्रों को अंग्रेजी माध्यम शिक्षा की सुविधा के लिए योजना शुरू की गई
थी ताकि निजी स्कूलों में भारी फीस के बोझ को नकारा जा सके और समाज के निचले
स्तर के छात्रों को सरकारी स्कूल में अंग्रेजी माध्यम में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा
मिल सके।
राज्यों
में जिला और ब्लॉक स्तर पर 205 अंग्रेजी माध्यम स्कूल चल रहे हैं। जिसकी संभावना
है कि हम अगले आने वाले दो वर्षों में 1200 और बढ़ा दें। अब सरकार ने 348 और
सरकारी स्कूलों को महात्मा गांधी सरकारी स्कूल (अंग्रेजी माध्यम) में बदलने का
फैसला किया है। ये स्कूल शैक्षणिक सत्र 2021-22 से शुरू होंगे।
शहरी
तथा ग्रामीण क्षेत्रों में एक-एक हजार महात्मा गांधी English Medium स्कूल और खोले
जाने की घोषणा।
जयपुर: राजस्थान
शिक्षा विभाग ने पहली बार जयपुर के मानसरोवर में पहला सरकारी अंग्रेजी माध्यम
स्कूल खोलने का निर्णय लिया है।
इसके
आदेश जारी कर दिए गए हैं और 1 जुलाई 2019 से स्कूल
सत्र शुरू हो
जाएगा।महात्मा गांधी की 150वीं जयंती मनाने के लिए शिक्षा निदेशालय, बीकानेर ने कुछ दिन पहले ही प्रत्येक जिला मुख्यालय पर एक अंग्रेजी
माध्यम स्कूल खोलने के आदेश जारी किए हैं, जिसे महात्मा गांधी
राजकीय विद्यालय नाम दिया गया है। अंग्रेजी माध्यम स्कूल खोलने के लिए
नया भवन नहीं बनाया जाएगा, बल्कि पहले से संचालित एक सरकारी स्कूल को अंग्रेजी माध्यम
में परिवर्तित किया जाएगा।
राज्य
के छात्र-छात्राओं के शैक्षिक विकास हेतु शिक्षा निदेशालय ने राजकीय महात्मा गांधी
विद्यालय (अंग्रेजी माध्यम) में सत्र 2023-24 के लिए कक्षा 1 से 12 में
प्रवेश हेतु राजकीय महात्मा गांधी विद्यालय (अंग्रेजी माध्यम) में सत्र
2023-24 में निर्धारित सीटों की संख्या :
Sr.
No. Class Capicity
1. Pre-primary
25
2. 1-5 30
3. 6-8 35
4. 9-12 60
44. स्वामी विवेकानन्द मॉडल स्कूल
प्रारंभ: वर्ष 2013 में शुरू
पिछली कांग्रेस सरकार ने मॉडल स्कूलों में
प्राइमरी सेक्शन शुरू करने के लिए अलग बिल्डिंग बनाने के लिए बजट जारी किया गया
था। प्रदेश की 134 मॉडल स्कूलों में 1.5 करोड़ प्रति स्कूल के हिसाब से करीब 200
करोड़ खर्च किए हैं। पिछले साल से इनमें सेशन शुरू होने थे,
मॉडल
स्कूलों में वर्तमान में कक्षा 6 से 12वीं तक अध्ययन हो रहा है, जबकि कक्षा 1 से
5वीं तक अंग्रेजी माध्यम की कक्षाएं संचालित होनी हैं।
45. पालनहार योजना
प्रारम्भ: 08 फरवरी 2005
योजना के उद्देश्य: अनाथ बच्चों के पालन-पोषण, शिक्षा
आदि की व्यवस्था संस्थागत नहीं की जाकर समाज के भीतर ही बालक-बालिकाओं के निकटतम
रिश्तेदार/परिचित व्यक्ति के परिवार में करने के लिए इच्छुक व्यक्ति को पालनहार
बनाकर राज्य की ओर से पारिवारिक माहौल में शिक्षा, भोजन, वस्त्र एवं अन्य आवश्यक
सुविधाएं उपलब्ध कराना है। इस प्रकार
राज्य सरकार द्वारा संचालित यह योजना सम्पूर्ण भारत वर्ष में अनूठी है।
योजना के लिए पात्रता एवं देय परिलाभ
दिनांक 08.02.2005 से लागू यह योजना आरम्भ में अनुसूचित
जाति के अनाथ बच्चों हेतु संचालित की गई थी, जिसमें समय-समय पर संशोधन कर
निम्नांकित श्रेणियों को भी जोडा गया है :-
• अनाथ बच्चे
• न्यायिक प्रक्रिया से मृत्यु दण्ड/ आजीवन
कारावास प्राप्त माता-पिता की संतान
• निराश्रित पेंशन की पात्र विधवा माता
की अधिकतम तीन संताने
• नाता जाने वाली माता की अधिकतम तीन संताने
• पुर्नविवाहित विधवा माता की संतान
• एड्स पीडित माता/पिता की संतान
• कुष्ठ रोग से पीडित माता/पिता की संतान
• विकलांग माता/पिता की संतान
• तलाकशुदा/परित्यक्ता महिला की संतान
पालनहार परिवार की
वार्षिक आय 1.20 लाख रूपये से अधिक नहीं होनी चाहिए। ऐसे अनाथ
बच्चों को 2 वर्ष की आयु में आंगनबाड़ी केन्द्र पर तथा 6 वर्ष की आयु में स्कूल
भेजना अनिवार्य है।
प्रत्येक अनाथ बच्चे हेतु पालनहार परिवार को 5 वर्ष की
आयु तक के बच्चे हेतु 500 रूपये प्रतिमाह की दर से तथा स्कूल में प्रवेशित होने के
बाद 18 वर्ष की आयु पूर्ण करने तक 1000 रूपये प्रतिमाह की दर से अनुदान उपलब्ध
कराया जाता है।
इसके अतिरिक्त वस्त्र, जूते, स्वेटर एवं अन्य आवश्यक
कार्य हेतु 2000 रूपये प्रति वर्ष (विधवा एवं नाता की श्रेणी को छोडकर) प्रति अनाथ
की दर से वार्षिक अनुदान भी उपलब्ध कराया जाता है।
पालनहार परिवार को उक्त अनुदान आवेदन करने पर शहरी
क्षेत्र में विभागीय जिला अधिकारी द्वारा एवं ग्रामीण क्षेत्र में सम्बन्धित विकास
अधिकारी द्वारा स्वीकृत किया जाता है।
46.सुकन्या समृद्धि
योजना
प्रारम्भ: 22 जनवरी, 2015
सुकन्या
समृद्धि योजना एक ऐसी योजना है जिसे भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 22
जनवरी, 2015 को शुरू किया था। यह एक छोटी जमा योजना है जिसे बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ
अभियान के एक भाग के रूप में बालिकाओं के लिए शुरू किया गया था। इस योजना में
आकर्षक ब्याज दर और आयकर छूट प्रदान की जाएगी।
• इस
योजना के अंतर्गत बालिका के जन्म से लेकर उसके 10 वर्ष की आयु प्राप्त करने तक
किसी भी समय खाता खोला जा सकता है, जिसमें वित्तीय वर्ष के दौरान न्यूनतम जमा राशि
250 रुपये तथा अधिकतम जमा राशि 1.5 लाख रुपये हो सकती है।
• आवेदक
किसी भी डाकघर या वाणिज्यिक बैंकों की अधिकृत शाखाओं में खाता खोल सकता है।
•
एसएसवाई खाता, खाता खोलने की तिथि से 21 वर्ष तक या बालिका की आयु 18 वर्ष हो जाने
के बाद उसकी शादी तक चालू रहेगा।
•
बालिका की आयु 18 वर्ष हो जाने पर उच्च शिक्षा व्यय की आवश्यकता को पूरा करने के
लिए शेष राशि का 50% आंशिक निकासी की अनुमति दी जाती है।
• लड़की
की उम्र 15 साल पूरी होने तक खाते में जमा किया जा सकता है। इस अवधि के बाद, खाते
पर केवल लागू ब्याज दर ही मिलेगी।
• यदि
खाता बंद नहीं किया जाता है, तो उस पर प्रचलित दर पर ब्याज नहीं मिलेगा।
• यदि
लड़की 18 वर्ष से अधिक की है और विवाहित है, तो सामान्य बंदोबस्ती की अनुमति है।
47. पूर्व मैट्रिक अति
पिछडा वर्ग छात्रवृत्ति कक्षा 06 से 10
नोडल : माध्यमिक शिक्षा विभाग
योजना प्रारम्भ : 2011-12
वित्त
पोषित : राज्य
योजना
का प्रकार : व्यक्तिगत
अति
पिछड़ा वर्ग के कक्षा 06 से 10 में नियमित अध्ययनरत विद्यार्थियों को यह
छात्रवृत्ति दी जाती है। अति पिछड़ा वर्ग {बंजारा, बालदिया, लबाना, गाडिया लोहार,
गाडोलिया, गूजर, गुर्जर, राईका, रेबारी (देबासी),गडरिया (गाडरी) गायरी के} कक्षा
06 से 10 में नियमित अध्ययनरत विद्यार्थियों को यह छात्रवृत्ति दी जाती है।
1.
विद्यार्थी अति पिछड़ा वर्ग का हो।
2.
विद्यार्थी जो केन्द्र सरकार, राज्य सरकार, नगर पालिकाओं द्वारा संचालित
स्कूलों में एवं शिक्षा विभाग द्वारा मान्यता प्राप्त स्कूलों में कक्षा 6 से 10
में नियमित विद्यार्थी के रुप में अध्ययन कर रहा हो।
3.
विद्यार्थी जिसके माता-पिता/जीवित न होने पर संरक्षक की वार्षिक आय रु 2.00
लाख से अधिक न होे।
4.
विद्यार्थी जिसे केन्द्रीय, राजकीय/ सार्वजनिक स्रोत से अध्ययन हेतु अन्य
किसी प्रकार की छात्रवृत्ति या भत्ता नही मिल रहा हो।
विद्यार्थी
जो गत सत्र में निचली कक्षा में अनुतीर्ण नहीं रहा हो। यदि वह किसी वर्ष की
परीक्षा में अनुतीर्ण हो जाता है तो उसकी छात्रवृत्ति रोक दी जावेगी परन्तु
यदि वह उसी कक्षा को आगामी परीक्षा में उतीर्ण कर लेता है तो अगले सत्र से नई
कक्षा में छात्रवृत्ति हेतु पात्र हो जाएगा। इसके लिए विद्यार्थी को पुनः नूतन
छात्रवृत्ति आवेदन करना होगा।
योजना में देय सुविधाएं
क्र.सं.
विद्यार्थी
छात्रवृत्ति की दरें (अधिकतम 10 माह हेतु)
कक्षा 6 से 8
कक्षा 9 से 10
1
छात्र 50/- प्रतिमाह
60/- प्रतिमाह
2
छात्राएं 100/-प्रतिमाह
120/- प्रतिमाह
48.पूर्व मैट्रिक
अनुसूचित जाति छात्रवृत्ति कक्षा 09 से 10
नोडल : माध्यमिक शिक्षा विभाग
योजना
प्रारम्भ : वर्ष 2013-14 (अंतिम संशोधित 19.09.2017)
वित्त
पोषित : केन्द्र
योजना
का प्रकार : व्यक्तिगत
कक्षा
09 से 10 में राजकीय/ निजी विद्यालयों में अध्ययनरत छात्र/छात्रा के माता-पिता/
अभिभावक / संरक्षक की वार्षिक आय 2.50 लाख रुपये से अधिक न हो
विधार्थी
जिसे केंद्रीय , राजकीय / सार्वजनिक स्त्रोत से अध्ययन हेतु अन्य किसी
प्रकार की छात्रवृति या भत्ता नहीं मिल रहा हो
क्र.स. डे-स्कॉलर छात्रवृति की
दरे (अधिकतम 10 माह)
1. छात्र-छात्रा 225 रुपये प्रति माह
2. एक
मुश्त अनुदान 750 रुपये
प्रति वर्ष
क्र.स. डे-स्कॉलर छात्रवृति की
दरे (अधिकतम 10 माह)
1. छात्र-छात्रा 525 रुपये प्रति माह
2. एक मुश्त अनुदान 1000 रुपये प्रति वर्ष
भारत
सरकार एवं राज्य सरकार की हिस्सा राशि का अनुपात :- 40 प्रतिशत
राज्यांश एवं 60 प्रतिशत केन्दांश।
49.राजीव
गांधी डिजिटल योजना
नोडल: माध्यमिक शिक्षा विभाग
योजना प्रारम्भ : 2013-2014
योजना का प्रकार : सामूहिक
8वी वैकल्पिक बोर्ड परीक्षा में न्यूनतम 75 प्रतिशत अंक प्राप्त
करने वाले राज्य स्तरी योग्यता सूची केे अनुसार राजकीय विद्यालयों में अघ्ययनरत प्रथम
6000 विद्यार्थियों तथा कक्षा 8 में वैकल्पिक बोर्ड परीक्षा में 70 प्रतिशत अंक प्राप्त
करनेे वाले जिला स्तरीय योग्यता सूची के अनुसार लेपटाॅप वितरण हेतूू पात्र राजकीय विद्यालयों
में अध्ययनरत विद्यार्थीयों की वरीयता सूची के अनुसार 100-100 विद्यार्थियों को गुणवत्ता
यूक्त लैपटाॅप वितरित किये जाते हैं।
योजना प्रारंभ किये जाने का वर्ष: 13-14
लाभान्वित वर्ग: समस्त वगों
के पात्र छात्र एवं छात्राऐं
योजना की पात्रता
8वी वैकल्पिक बोर्ड परीक्षा में न्यूनतम 75 प्रतिशत अंक प्राप्त
करने वाले राज्य स्तरी योग्यता सूची केे अनुसार राजकीय विद्यालयों में अघ्ययनरत प्रथम
6000 विद्यार्थियों तथा
कक्षा 8 में वैकल्पिक बोर्ड परीक्षा में 70 प्रतिशत अंक
प्राप्त करनेे वाले जिला स्तरीय योग्यता सूची के अनुसार लेपटाॅप वितरण हेतूू पात्र
राजकीय विद्यालयों में अध्ययनरत विद्यार्थीयों की वरीयता सूची के अनुसार 100-100
विद्यार्थियों को गुणवत्ता यूक्त लैपटाॅप वितरित किये जाते हैं।
योजना में देय सुविधाऐं
8वी वैकल्पिक बोर्ड परीक्षा में न्यूनतम 75 प्रतिशत अंक प्राप्त
करने वाले राज्य स्तरी योग्यता सूची केे अनुसार राजकीय विद्यालयों में अघ्ययनरत प्रथम
6000 विद्यार्थियों तथा
कक्षा 8 में वैकल्पिक बोर्ड परीक्षा में 70 प्रतिशत अंक
प्राप्त करनेे वाले जिला स्तरीय योग्यता सूची के अनुसार लेपटाॅप वितरण हेतूू पात्र
राजकीय विद्यालयों में अध्ययनरत विद्यार्थीयों की वरीयता सूची के अनुसार 100-100
विद्यार्थियों को गुणवत्ता यूक्त लैपटाॅप वितरित किये जाते हैं।
50. कस्तूरबा गांधी
बालिका विद्यालय (केजीबीवी) योजना
प्रारम्भ: अगस्त 2004
कस्तूरबा
गांधी बालिका विद्यालय (केजीबीवी) योजना भारत सरकार द्वारा अगस्त, 2004 में शुरू
की गई थी, जिसका उद्देश्य दुर्गम क्षेत्रों में मुख्य रूप से अनुसूचित जाति,
अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग और अल्पसंख्यक वर्ग की लड़कियों के लिए उच्च
प्राथमिक स्तर पर आवासीय विद्यालय स्थापित करना था।
केजीबीवी
को देश के शैक्षणिक रूप से पिछड़े ब्लॉकों (ईबीबी) में लागू किया जा रहा है, जहां
महिला ग्रामीण साक्षरता राष्ट्रीय औसत से कम है और साक्षरता में लिंग अंतर
राष्ट्रीय औसत से अधिक है। इस योजना में अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य
पिछड़ा वर्ग या अल्पसंख्यक समुदायों की लड़कियों के लिए न्यूनतम 75% सीटों का
आरक्षण प्रदान किया गया है और शेष 25% के लिए प्राथमिकता गरीबी रेखा से नीचे के
परिवारों की लड़कियों को दी जाती है।
केजीबीवी
का उद्देश्य उच्च प्राथमिक स्तर पर आवासीय विद्यालय स्थापित करके समाज के वंचित
समूहों की लड़कियों तक पहुंच और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करना है।
योजना का दायरा:
• इस
योजना का दायरा निम्नलिखित क्षेत्रों में स्कूल स्थापित करना है:
•
जनजातीय जनसंख्या का संकेन्द्रण,
• कम
महिला साक्षरता और/या बड़ी संख्या में लड़कियों का स्कूल से बाहर होना;
•
अनुसूचित जाति, अन्य पिछड़ा वर्ग और अल्पसंख्यक आबादी का संकेन्द्रण,
• कम
महिला साक्षरता और/या बड़ी संख्या में लड़कियों का स्कूल से बाहर होना;
• ऐसे
क्षेत्र जहां बड़ी संख्या में छोटी, बिखरी बस्तियां हैं जो स्कूल के लिए योग्य
नहीं हैं;
पात्रता मापदंड :
• वंचित
समूहों से संबंधित लड़कियाँ जैसे
•
अनुसूचित जाति,अनुसूचित जनजाति, ओबीसी, अल्पसंख्यक और
• गरीबी
रेखा से नीचे (बीपीएल) परिवार।
• 14 से
18 वर्ष आयु वर्ग की छात्राएं।
• कम
महिला साक्षरता वाले क्षेत्र में रहने वाली लड़कियाँ
• कठिन
परिस्थितियों में रहने वाली वे लड़कियां जो प्राथमिक शिक्षा पूरी करने में असमर्थ
हैं, उन्हें असाधारण मामलों में नामांकित किया जा सकता है।
MGGS SCHOOL PREPRATION | CENTER AND STATE GOVT. SCHEMES
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